ललित मोहन गहतोड़ी की कविता- खूबसूरत तू…
खूबसूरत तू…खूबसूरत तू खूबसूरत है…
मॉं तू सबसे खूबसूरत है…
तेरी सुंदर प्यारी मूरत है…
मॉं तू सबसे खूबसूरत है…
तूने जीवन मुझको दान दिया….
मुझे जीने का स्वाभिमान दिया…
तूने मुझको अपना नाम दिया…
एक सुंदर सा पैगाम दिया…
तू दया भाव की मूरत है…
भोली भाली तेरी सूरत है…
खूबसूरत तू…
बड़े नाज से मुझको पाला है…
बड़े प्यार से मुझे पुकारा है…
बड़ा लाड़ दुलार जताया है…
जीने का ढंग सिखाया है…
तू दया भाव की मूरत है…
प्यारी प्यारी तेरी सूरत है…
खूबसूरत तू…
पग पग पर मुझे संभाला है…
मतलब जीवन का बताया है…
दिन रात का चैन गंवाया है…
मेरे लिए कष्ट उठाया है…
तू दया भाव की मूरत है…
बड़ी सुंदर भोली सूरत है…
खूबसूरत तू…
लेखक का परिचय
उत्तराखंड में चंपावत जिले के जगदंबा कालोनी, चांदमारी लोहाघाट निवासी ललित मोहन गहतोड़ी स्नातक, प्रशिक्षित स्टेनोग्राफर, प्रशिक्षित व्यायाम शिक्षक हैं। ललित वर्तमान में स्वतंत्र पत्रकारिता के साथ फाल्गुनी फुहारें नाम से एक वार्षिक सांस्कृतिक पुस्तक का प्रकाशन कर रहे हैं। इसके अब तक चार भाग प्रकाशित कर चुके हैं। उनका कहना है कि फुहारें पुस्तक का आगामी अंक पांच वसंत फुहारें विशेषांक भी वह जल्द ही प्रकाशित करने जा रहे हैं।



