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July 24, 2026

इमैनुएल मैक्रों फिर जीते फ्रांस के राष्ट्रपति का चुनाव, भड़के दंगे, लाठीचार्ज के साथ ही पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव में एकबार फिर इमैनुएल मैक्रों ने जीत दर्ज की है। उन्होंने धुर दक्षिणपंथी उम्मीदवार मरीन ले पेन को मात दे दी। मैक्रों की जीत के बाद पेरिस से दंगों की खबर आ रही है।

फ्रांस के राष्ट्रपति चुनाव में एकबार फिर इमैनुएल मैक्रों ने जीत दर्ज की है। उन्होंने धुर दक्षिणपंथी उम्मीदवार मरीन ले पेन को मात दे दी। मैक्रों की जीत के बाद पेरिस से दंगों की खबर आ रही है। सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में पुलिस प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करते हुए नजर आ रही है। राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद दर्जनों लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन करने लगे। उग्र भीड़ को काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ गया।
फ्रांस में रविवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए दूसरे दौर का मतदान हुआ। मुकाबला था मौजूदा राष्ट्रपति और लोकप्रिय नेता इमैनुएल मैक्रों और धुर-दक्षिणपंथी उम्मीदवार मरीन ले पेन के बीच। जनता ने एकबार फिर मैक्रों को फ्रांस की सत्ता का ताज पहनाया। नतीजे सामने आने के बाद फ्रांस के पत्रकार साइमन लौवेटे ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया और पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच ‘गहरे तनाव’ का दावा किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।
दंगानिरोधी टीम ने विरोध प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाईं और आंसूगैस के गोले दागे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर मौजूद एक फुटेज से यह वाकया सामने आया है। ट्विटर पर मौजूद तस्वीरें दिखाती हैं कि पुलिस ने शहर के बीच में एक जनता चौराहे पर विरोध प्रदर्शन करने इकठ्ठा हुए युवाओं की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए यह कदम उठाया।

मैक्रां ने धुर-दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन को रविवार को हरा कर अगले पांच साल के लिए अपना राष्ट्रपति कार्यकाल सुरक्षित कर लिया। अगर ले पेन जीत जातीं तो फ्रांस में यह बड़ा राजनैतिक फेरबदल होता। मैक्रां बड़े अंतर से जीते, लेकिन मतदान ना करने वालों का आंकड़ा भी 1969 के बाद सबसे अधिक रहा। क्योंकि बहुत से मतदाता मैक्रां और पेन में से किसी के लिए भी मतदान नहीं करना चाहते थे।

रविवार को पहले दौर की वोटिंग के दौरान पेरिस में सोरबोन और दूसरी यूनिवर्सिटीज़ के बाहर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। क्योंकि यह लोग दिए गए विकल्पों से सहमत नहीं थे। फ्रांस में चुनाव नजीजे आने से पहले ही सड़कों पर दोनों ही राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे थे।