यूकेडी ने बीजेपी पर बोला हमला, कहा- भाजपा के पास 2022 के लिए कोई घोषणा पत्र नहीं, ना ही कोई विजन
यूकेडी के केंद्रीय प्रवक्ता विजय बौड़ाई ने कहा कि उत्तराखंड के चुनाव में अब केवल पांच दिन शेष हैं। अभी तक भाजपा अपना घोषणा पत्र जारी नही कर पाई है। जो यह दर्शाता है कि भाजपा के पास उत्तराखंड के लिये कोई विजन नही है।
उत्तराखंड क्रांति दल ने बीजीपी पर हमला बोला। कहा कि अभी तक बीजेपी का घोषणापत्र जारी न होना ये दर्शाता है कि उसके पास कोई विजन नहीं है। यूकेडी के केंद्रीय प्रवक्ता विजय बौड़ाई ने कहा कि उत्तराखंड के चुनाव में अब केवल पांच दिन शेष हैं। अभी तक भाजपा अपना घोषणा पत्र जारी नही कर पाई है। जो यह दर्शाता है कि भाजपा के पास उत्तराखंड के लिये कोई विजन नही है।उक्रांद केन्द्रीय प्रवक्ता विजय बौड़ाई ने कहा कि भाजपा बड़े जोर शोर से प्रचार कर रही है। प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, तमाम केन्द्रीय मन्त्रीगण, विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्री उत्तराखंड में प्रचार के लिए आ रहे हैं। वे भी ये नहीं बता पा रहे हैं कि वास्तव में भाजपा प्रदेश में क्या करना चाहती है। पिछले 2017 के घोषणा पत्र में भाजपा का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा लोकायुक्त का था, जिसको बड़े जोर से कहा गया कि 100 दिन के अंदर खंडूड़ी की सरकार में बनाये गए कानून के अनुसार लोकायुक्त का गठन भाजपा सरकार करेगी। पांच साल में लोकायुक्त की तरफ देखा तक नही।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कहते रहे कि उत्तराखंड में लोकायुक्त की आवश्यकता नही है। दूसरा मुख्य वायदा जनता से किया था कि जितनी भी रिक्तियां हैं, उन पर 6 माह के अंदर भर्ती की जाएगी। पांच वर्षों के अंतिम पांच माह में केवल कुछ पदों की विज्ञप्ति निकाल पायी। 13 जिलों में 13 पर्यटन स्थल बनाने के वादे को भी बीजेपी पूरा नहीं कर पाई। शिक्षा जैसा सबसे पहला और महत्वपूर्ण विषय तो भाजपा के एजेंडे में न तो केंद्र में दिखाई दे रहा है और न ही राज्य में।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सख्त भूक़ानून की भी यही स्थिति है, जो भाजपा नही किया। अब भाजपा को बहुमूल्य समय मिला था, वह भाजपा ने अपनी नालायकी और कार्य करने में कौशल, अनुभव व दक्षता के अभाव के कारण गंवा दिए। अब भाजपा के समक्ष जन हित के मुद्दों का नितांत अभाव है। इसी कारण वह 2022 का घोषणा पत्र जारी नही कर पा रही है। चुनाव में जाने के लिये जनता के बीच घोषणा पर प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन भाजपा इधर उधर की बात तो कर रही है। जोर शोर से प्रचार भी कर रही है, लेकिन घोषणा जारी करने में डर रही है। डर स्वाभाविक भी है। क्योंकि भाजपा इस बार मुद्दा विहीन हो गयी है।



