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October 22, 2026

महिला कांग्रेस ने रावण के प्रतीकात्मक स्वरूप में दुष्यंत गौतम का पुतला किया दहन, पुतलों को लेकर आंदोलनकारियों और पुलिस में भी हुई खींचातानी

दशहरे के मौके पर उत्तराखंड से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में सत्ताधारी राजनीतिक दल से जुड़े नेताओं के पुतलों का दहन किया गया। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में ऐसे दो आयोजन किए गए। घंटाघर में अंकित भंडारी को न्याय दो, दुष्यंत गौतम को बर्खास्त करो के नारे के साथ महिला कांग्रेस ने दुष्यंत गौतम का पुतला दहन किया। वहीं, आंदोलनकारियों ने बंगाली की कोठी क्षेत्र में बीजेपी नेताओं के पुतले दहन करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस कई पुतले छीनने में कामयाब भी हुई। काफी देरी तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों में पुतलों को लेकर छीना झपटी होती रही। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में देहरादून स्थित घंटाघर में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने तथा दुष्यंत गौतम को बर्खास्त करने की मांग को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान दशहरे के अवसर पर रावण के प्रतीकात्मक स्वरूप में दुष्यंत गौतम का पुतला दहन कर भाजपा सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस अवसर पर प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस मामले में ठोस कार्रवाई करने से बचती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इस मामले में जनता के सामने स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कांग्रेस नेत्री रौतेला ने कहा कि दुष्यंत गौतम को अभी तक सीबीआई द्वारा क्लीन चिट दिए जाने की जानकारी नहीं है। इसके बावजूद उन्हें राज्यपाल नियुक्त किए जाने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गंभीर आरोपों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय अपने लोगों को संरक्षण देती नजर आती है। इस तरह की कार्यप्रणाली समाज में गलत संदेश देती है और न्याय की अपेक्षा रखने वाले लोगों के विश्वास को कमजोर करती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

उन्होंने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। ऐसे अवसर पर महिला कांग्रेस ने प्रतीकात्मक पुतला दहन कर यह संदेश दिया है कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के सवाल पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर महिला कांग्रेस का संघर्ष लगातार जारी रहेगा और जब तक पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिलता, तब तक महिला कांग्रेस अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस अवसर पर महानगर महिला कांग्रेस अध्यक्ष उर्मिला ढोंडियाल, नंदिता गढ़िया, अनुराधा तिवारी, विनीत प्रसाद भट्ट, सिद्धार्थ अग्रवाल, स्वयं रावत, तेजस्वी राणा, अभिनव वृष्टि, मुकेश बसेड़ा, अभिनव कपालिया, संगीता शर्मा, जैसी लक्ष्मी, सोनिया, अनीता सकलानी सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अंकिता भंडारी हत्याकांड: आंदोलनकारियों ने फूंका भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का पुतला
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और कथित VIP दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति रद्द करने की मांग को लेकर आज देहरादून के बंगाली कोठी चौक, बंजारावाला में प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का पुतला दहन किया। आंदोलनकारियों ने पुतले को “कलियुग के रावणों” का प्रतीक बताते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बंगाली कोठी चौक पर एकत्रित आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, दुष्यंत गौतम और अजय कुमार के नाम लेते हुए उनके प्रति विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के बजाय उसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मोहित डिमरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP दुष्यंत गौतम को सीबीआई जांच के दायरे से बाहर रखने का आरोप है। उन्होंने सवाल उठाया कि अंकिता को न्याय दिलाने और कथित VIP की भूमिका की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग के बावजूद इस मामले में पारदर्शिता क्यों नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने मांग की कि दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति रद्द की जाए और मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रदर्शन के दौरान बंगाली कोठी चौक पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। आंदोलनकारियों के अनुसार, पुलिस ने पहले पुतला छीन लिया, लेकिन प्रदर्शनकारी दूसरा पुतला लेकर पहुंचे और उसका दहन कर अपना विरोध जारी रखा। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से सुजाता पॉल, देवेंद्र नौडियाल सहित अन्य आंदोलनकारी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और कथित VIP की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक), अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

फिर नया खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने वीआईपी के नाम को लेकर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं पूर्व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन अजय कुमाार का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर अब सीबीआई जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके साथ ही राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने इस मामले को लेकर आंदोलन शुरू कर दिए हैं।
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।