Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

October 22, 2026

अंकिता भंडारी को न्याय देने और दुष्यंत गौतम के खिलाफ इंडिया गेट पर उत्तराखंडियों ने किया प्रदर्शन, कई गिरफ्तार, आज सिक्किम बंद

उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के रूप में आरोपी बीजेपी नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने के विरोध में दिल्ली में इंडिया गेट पर उत्तराखंड के राजनीतिक, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और देहरादून सहित उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों से उत्तराखंडी शामिल हुए। इस दौरान पुलिस ने करीब 35 आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

गिरफ्तार होने वाले प्रमुख नेताओं में उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप, कांग्रेस के पूर्व संयुक्त सचिव हरिपाल रावत, उत्तराखंड के पूर्व दर्जा राज्य मंत्री रामकुमार वालिया, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष लक्ष्मण रावत, बृजमोहन उप्रेती, मोहित डिमरी, किशोर कुमार, सोमपाल सिंह नेगी, सीपीआई एमएल के उत्तराखंड सचिव इंद्रेश मैखुरी, मोहित डिमरी, पत्रकार त्रिलोचन भट्ट आदि शामिल थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

प्रदर्शन करने वालों का कहना था कि करीब सौ से ज्यादा लोगों में से 35 को डिटेन किया गया। सभी को तीन घंटे से ज्यादा पुलिस बस में घुमाती रही। बाद में सभी को अलग अलग थाने ले जाया गया। द्वारका थाने सहित अन्य स्थानों से आंदोलनकारियों को देर शाम को छोड़ा गया। इससे पूर्व आंदोलनकारियों ने इंडिया गेट में प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रशासन के अधिकारी को सौंपा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

ज्ञापन में दुष्यंत गौतम को अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्य दोषियों में आरोपी वीआईपी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने का कड़ा विरोध किया गया। साथ ही उनकी इस नियुक्ति को निरस्त करने की मांग की गई। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप, मोहित डिमरी इंद्रेश मैखुरी और हरिपाल रावत ने कहा कि उत्तराखंडी तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक अंकिता भंडारी के हत्यारों को सजा नहीं मिल जाती। उन्होंने राष्ट्रपति से दुष्यंत गौतम को बर्खास्त किए जाने की मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

उन्होंने कहा जिस व्यक्ति को जेल में होना चाहिए था, उन्हें राज निवास से नवाजा जा रहा है। वहीं, उत्तराखंड में भी इस मुद्दे को लेकर लगातार आंदोलन किए जा रहे हैं। उधर, सिक्किम में भी अब लोग सड़क पर उतरने लगे हैं। वहां के कई संगठन दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाने का विरोध कर रहे हैं। आज इसी मुद्दे को लेकर सिक्किम बंद का आह्वान भी किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक), अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

फिर नया खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने वीआईपी के नाम को लेकर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं पूर्व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन अजय कुमाार का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर अब सीबीआई जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके साथ ही राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने इस मामले को लेकर आंदोलन शुरू कर दिए हैं।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।