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October 18, 2026

अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर यूकेडी का प्रदर्शन, भाजपा सरकार और दुष्यंत गौतम का पुतला दहन

अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग तथा दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाने के विरोध में उत्तराखंड क्रान्ति दल (उक्रांद) की महानगर देहरादून ईकाई ने शनिवार को द्रोण चौक पर भाजपा सरकार एवं दुष्यंत गौतम का पुतला दहन कर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान दल के पदाधिकारियों ने सीबीआई जाँच में तेजी लाने, मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जाँच करने और दोषियों को सजा दिलाने की माँग उठाई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस मौके पर यूकेडी के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जयप्रकाश उपाध्याय ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जाँच को लटकाए जाने की आशंका से जनता में सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जाँच शीघ्र पूरी कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। इसी माँग को लेकर उत्तराखंड क्रान्ति दल आगामी 24 अक्टूबर को सीबीआई कार्यालय का घेराव करेगा। महानगर अध्यक्ष प्रबीन चन्द रमोला ने सवाल उठाया कि अंकिता भंडारी प्रकरण की सीबीआई जाँच पूरी होने से पहले दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने का निर्णय क्यों लिया गया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय को लेकर उठ रहे सवालों पर संबंधित पक्षों को स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि जाँच की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया पर जनता का विश्वास कायम रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

केंद्रीय महामंत्री राजेन्द्र बिष्ट ने माँग की कि अंकिता भंडारी प्रकरण की सीबीआई जाँच शीघ्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि जाँच की स्थिति से संबंधित वैधानिक जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए तथा दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के निर्णय पर उठ रहे सवालों का भी स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। महिला नेत्री नैना लखेड़ा ने कहा कि प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों, साक्ष्यों और आरोपों की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति को उसके पद या राजनीतिक प्रभाव के आधार पर जाँच के दायरे से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जाँच एवं न्यायिक प्रक्रिया में जिनकी संलिप्तता प्रमाणित हो, उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उक्रांद पदाधिकारियों ने कहा कि अंकिता भण्डारी को न्याय दिलाने का सवाल उत्तराखंड की अस्मिता और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा है। दल ने स्पष्ट किया कि न्याय की माँग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा और 24 अक्टूबर को प्रस्तावित सीबीआई कार्यालय घेराव के माध्यम से मामले की जाँच शीघ्र पूरी करने की माँग उठाई जाएगी। इस अवसर पर लुसन टोडरिया, महानगर उपाध्यक्ष निर्मल शाह, भोला चमोली, निशिथ मनराल, राजीव नौटियाल, जितेंद्र, अजय सिंह, संदीप रावत, उषा रमोला, अनीता चंद, विरेंद्र सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अंकिता भंडारी हत्याकांड
बता दें कि पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के अंतर्गत गंगा भोगपुर स्थित वनन्तरा रिसोर्ट से 18 सितंबर 2022 की रात से संदिग्ध परिस्थितियों में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी लापता हो गई थी। पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। इस मामले में रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री विनोद आर्य का बेटा है। पुलकित आर्य रिजॉर्ट का मालिक है। विनोद आर्य और उनके दूसरे बेटे अंकित आर्य को बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था। इस मामले में चर्चा ये भी रही कि किसी वीआईपी को खुश करने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

आज तक वीआईपी के नाम का खुलासा नहीं हुआ। इस मामले के प्रमुख अभियुक्त पुलकित आर्य (रिज़ॉर्ट के मालिक), अंकित गुप्ता (रिज़ॉर्ट के सहायक प्रबंधक) और सौरभ भास्कर (रिज़ॉर्ट के प्रबन्धक) हत्या की बात कबूल कर ली। कोटद्वार कोर्ट में हुई सुनवाई में तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

फिर नया खुलासा बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर ने वीआईपी के नाम को लेकर किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में डाला गया। इसमें दावा किया गया कि वीआईपी बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं पूर्व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम हैं। साथ ही राज्य में बीजेपी के एक पूर्व महामंत्री संगठन अजय कुमाार का नाम भी इस प्रकरण से जोड़ा गया है। गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर अब सीबीआई जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके साथ ही राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने इस मामले को लेकर आंदोलन शुरू कर दिए हैं।
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।