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September 9, 2026

नेत्रदान जागरूकता से ही जरूरतमंदों को मिल सकती है नई रोशनी

देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) जौलीग्रांट में आयोजित नेत्रदान पखवाड़े का समापन जागरूकता कार्यक्रम के साथ हुआ। इस अवसर पर नेत्र रोग विभाग की ओर से चरक सभागार में ‘जस्ट ए मिनट’ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं और नर्सिंग स्टाफ ने नेत्रदान के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रतियोगिता में नर्सिंग स्टाफ के अभ्युदय सिंह कलूड़ा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। एमबीबीएस छात्रा संदली सक्सेना ने द्वितीय तथा शौर्य विश्नोई ने तृतीय स्थान हासिल किया। विजेता प्रतिभागियों को हिम्स की प्रिंसिपल डॉ. रेनू धस्माणा, मुस्कान फाउंडेशन की नेहा मलिक और लायन्स क्लब ऋषिकेश के गोपाल नारंग ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

हिम्स की प्रिंसिपल डॉ. रेनू धस्माणा ने कहा कि नेत्रदान मानवता की अनमोल सेवा है। एक व्यक्ति के नेत्रदान से किसी जरूरतमंद के जीवन में नई रोशनी आ सकती है। उन्होंने कहा कि नेत्रदान को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने और लोगों को इसके महत्व के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। युवाओं और विद्यार्थियों को इस दिशा में आगे आकर समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुस्कान फाउंडेशन की नेहा मलिक ने कहा कि नेत्रदान केवल किसी व्यक्ति की दृष्टि लौटाने का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि लोगों को नेत्रदान से जुड़ी सही जानकारी उपलब्ध कराकर अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए प्रेरित किया जा सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

लायन्स क्लब ऋषिकेश के गोपाल नारंग ने कहा कि नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाना हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है। समाज में इस विषय को लेकर अधिक से अधिक संवाद और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि लोग नेत्रदान के लिए आगे आएं। इस अवसर पर डॉ. हर्ष बहादुर, डॉ. सुकीर्ति उपाध्याय उपस्थित रहे।
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Bhanu Bangwal

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मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।