मुख्यमंत्री आवास कूच को लेकर कांग्रेस की बैठक, विधायक प्रीतम सिंह ने धामी सरकार पर साधा निशाना
आगामी सात सितंबर को उत्तराखंड कांग्रेस मुख्यमंत्री आवास कूच करेगी। इसके तहत सात सितंबर की सुबह करीब 10 बजे देहरादून के परेड मैदान में कार्यकर्ता और नेता एकत्र होंगे। वहां से कूच आरंभ किया जाएगा। ये कूच कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे के विरोध में होगा। प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास कूच की तैयारियों को लेकर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राजकुमार के कार्यालय में कांग्रेसजनों की बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रदेश कांग्रेस कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष एवं चकराता विधायक माननीय प्रीतम सिंह ने प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मौके पर प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों से आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार जनहित, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाती रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सात सितंबर को होने वाले मुख्यमंत्री आवास कूच में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भाजपा की धामी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास कूच केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, संविधान और सम्मान की लड़ाई है। कांग्रेस सरकार से जवाब मांग रही है कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल के कथित ‘शुद्धिकरण’ जैसे मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी। इस कृत्य को जायज़ ठहराने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सामाजिक न्याय और संविधान की आवाज को मजबूती से उठा रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ की गई कार्रवाई के पीछे सरकार को जनता के सामने जवाब देना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बैठक में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुख्यमंत्री आवास कूच को सफल बनाने के लिए बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संविधान का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के मुद्दे पर कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा और अन्याय के खिलाफ पार्टी की आवाज लगातार बुलंद होती रहेगी। कांग्रेस के पार्षद, कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ये है प्रकरण
गौरतलब है कि आठ अगस्त को उत्तराखंड के नैनीताल जिले में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली थी। उनकी रैली के बाद 10 अगस्त को कुछ लोगों ने रैली स्थल पर हवन किया और गंगाजल से शुद्धिकरण का ड्रामा किया। इस मामले को खड़गे ने राज्यसभा में भी उठाया। वहीं, कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रेस वार्ता कर इस मामले में उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि महेंद्र भट्ट ने शुद्धिकरण का समर्थन किया। ऐसे शुद्धिकरण करने वालों के साथ ही बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ एससी, एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। वहीं, बीजेपी नेताओं का कहना है कि रामलीला मैदान में धार्मिक नारे लगाए गए। इसलिए वहां शुद्धिकरण किया गया। इस मामले में पुलिस ने रविवार 30 अगस्त, 2026 को बताया कि हल्द्वानी में वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत के बाद राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस नेता ने एआईसीसी प्रमुख के कार्यक्रम स्थल पर आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान को जातिवादी रंग दिया।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



