निजी कॉलेज एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात, संबद्धता विस्तारण का मुद्दा उठाया
निजी कॉलेज एसोसिएशन उत्तराखंड के एक प्रतिनिधि मंडल ने एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ सुनील अग्रवाल के नेतृत्व में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह से भेंट की। इस मौके पर उनके सम्मुख राज्य विश्वविद्यालयों से निजी कॉलेजों की वर्षों से लंबित संबद्धता विस्तारण प्रकरण को रखा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ सुनील अग्रवाल ने बताया कि राज्यपाल के संज्ञान में लाया गया कि राज्य विश्वविद्यालयों द्वारा विश्वविद्यालयों से संबद्ध निजी कॉलेजों का प्रत्येक वर्ष संबद्धता विस्तारण के लिए निरीक्षण शुल्क जमा करवाकर निरीक्षण करवाया जाता है। निरीक्षण के उपरांत निरीक्षण टीम की ओर से संबद्धता विस्तारण की संस्तुति दी जाती है। इसके बाद विश्वविद्यालयों द्वारा छात्रों के प्रवेश एवं परीक्षाएं संपन्न करवा ली जाती हैं। ऐसे कॉलेजों में छात्रों की परीक्षा परिणाम घोषित होकर उनको डिग्रियां भी मिल जाती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने बताया कि कॉलेजों को संबद्धता विस्तारण पत्र समय से प्राप्त नहीं होते हैं। श्री देव सुमन विश्वविद्यालय से संबद्ध कई कॉलेजों के तो अभी तक 2019 के बाद से संबद्धता विस्तारण पत्र जारी नहीं हुए हैं। संबद्धता विस्तारण पत्र के संबंध में जब विश्वविद्यालय से बात की जाती है तो विश्वविद्यालय के कर्मचारियों द्वारा यह कहा जाता है की फाइल राजभवन में पेंडिंग है। संबद्धता विस्तारण पत्र समय से जारी न होने के कारण छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिल पाती है। क्योंकि समाज कल्याण विभाग की ओर से संबंधित कॉलेज का करंट ईयर का संबद्धता प्रमाण पत्र मांगा जाता है। संबद्धता प्रमाण पत्र न होने के कारण छात्र छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने उत्तराखंड के राज्यपाल को यह भी बताया कि संबद्धता प्रमाण पत्र न होने के कारण 20 वर्ष पुराने कॉलेज भी नैक एक्रीडिटेशन के लिए अप्लाई नहीं कर पा रहे हैं, जबकि नई एजुकेशन पॉलिसी में नैक एक्रीडिटेशन प्रत्येक कॉलेज को करवाना आवश्यक है। राज्यपाल के संज्ञान में यह भी लाया गया कि अगर कोई पुराना कॉलेज किसी नए कोर्स को प्रारंभ करना चाहता है तो उसको भी संपूर्ण औपचारिकताएं पूर्ण होने के बावजूद संबद्धता प्रमाण पत्र के लिए भटकना पड़ता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डॉ अग्रवाल ने बताया गया कि कुछ तकनीकी कोर्सों में कॉलेज का प्रत्येक वर्ष मान्यता देने वाली संस्थाओं से मान्यताओं का भी नवीनीकरण करवाना होता है, लेकिन संबंधित विश्वविद्यालय से संबद्धता प्रमाण पत्र के अभाव में समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस मौके पर राज्यपाल ने सभी मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुनकर अपर सचिव को संबद्धता के प्रकरण पर विश्वविद्यालयों से वार्ता करने एवं निराकरण करवाने के लिए कहा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बाद में प्रतिनिधिमंडल ने अपर सचिव से मुलाकात कर उनको पूरा प्रकरण विस्तार से समझाया।अपर सचिव ने बताया कि संबद्धता विस्तारण का प्रकरण विश्वविद्यालय स्तर पर ही लेट होता है, उन्होंने संबद्धता प्रकरण के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष डॉ सुनील अग्रवाल के साथ संगठन के महासचिव निशांत थपलियाल, अमरीश गर्ग शामिल थे।
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