बीजेपी सांसद ने बोल दी जेन जी की भाषा, हो गया विरोध और यूकेडी ने फूंक दिया पुतला, अब देते फिर रहे सफाई
जेन जी की भाषा में गाली भी है और गहराई भी। उनकी भाषा वही समझ सकते हैं। नई पीढ़ी के मुंह से निकले गए शब्दों को तो लोग स्वीकार कर सकते हैं, लेकिन यदि उम्रदराज व्यक्ति के मुंह से ऐसे शब्द निकले तो उसे अपमान से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में उम्रदराज व्यक्तियों को सलाह है कि वे खुद जेन जी (Gen Z) बनने का प्रयास ना करें। साथ ही भाषा के संयम पर ध्यान दें। नहीं तो उत्तराखंड में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट वाली स्थिति हो जाएगी। फिर सफाई देते फिरते रहोगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ये है प्रकरण
उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मीडिया के समक्ष अपना बयान दिया था। आरोप था कि उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए एक गलत शब्द बोला था। इसका वीडियो वायरल हो गया था। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए महेंद्र भट्ट के मुंह से छात्रों को लेकर एक विवादित शब्द (सालों) निकल गया। इस टिप्पणी के बाद उत्तराखंड की राजनीति में भारी बवाल खड़ा हो गया है। बयान देते समय उन्होंने कहा कि मैं कह सकता हूं कि धर्मेंद्र प्रधान का यह छात्रहित में लिया गया निर्णय है। जो छात्र घरों में भी थे, जिनका लेना देना नहीं था, उनको भी एक अच्छा मैसेज धर्मेंद्र प्रधान ने दिया है। मोदी सरकार में हमेशा जो जनभावनाएं होती हैं। जो जनता को एक प्रकार से दिग्भ्रमित करने का प्रयास होता है, उन सबको रोकने का जो निर्णय होता है, वह धर्मेंद्र प्रधान ने लिया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि जो छात्र आंदोलन में शामिल थे, उनका इससे कोई लेना-देना नहीं था और उन्हें गुमराह किया गया था। इसी दौरान उनके मुंह से छात्रों के लिए कथित तौर पर “साले” शब्द निकल गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस पर विपक्ष और उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने कड़ी आपत्ति जता दी। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने इस बयान को युवाओं के आत्मसम्मान पर चोट बताया और महेंद्र भट्ट को 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी न मांगने पर उग्र प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी थी। साथ ही राजनीतिक दलों ने इस मुद्दा बना दिया और जेनजी के अपमान की बात कही। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
विरोध में उत्तराखंड क्रान्ति दल का प्रदर्शन, पुतला दहन कर जताया विरोध
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट की ओर से देश एवं प्रदेश के युवाओं तथा छात्रों के प्रति की गई कथित अपमानजनक एवं अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में उत्तराखंड क्रान्ति दल (उक्रांद) की महानगर देहरादून ईकाई की ओर से रविवार को द्रोण चौक देहरादून में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया गया। साथ ही उनका पुतला दहन कर अपना रोष व्यक्त किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर यूकेडी के महानगर अध्यक्ष पप्रबीन चन्द रमोला ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति, आशा और भविष्य होते हैं। युवाओं एवं छात्रों के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाली किसी भी टिप्पणी को लोकतांत्रिक समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि कोई जनप्रतिनिधि इस प्रकार की अमर्यादित भाषा का प्रयोग करता है, तो उसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सार्वजनिक रूप से युवाओं और छात्रों से क्षमा मांगनी चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
महानगर महामंत्री निशीथ मनराल ने कहा कि युवाओं के प्रति महेंद्र भट्ट का बयान भारतीय जनता पार्टी की मानसिकता एवं तानाशाही सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में युवाओं का अपमान करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है तथा प्रदेश का युवा इसका लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा। महानगर संगठन मंत्री गिरीश कोठारी ने कहा कि उत्तराखंड क्रान्ति दल सदैव प्रदेश के युवाओं, छात्रों, बेरोजगारों एवं आम जनमानस के अधिकारों की लड़ाई लड़ता रहा है और आगे भी उनके सम्मान, अधिकार एवं भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों ने महेंद्र भट्ट के बयान के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया तथा युवाओं के सम्मान में आवाज बुलंद की। उत्तराखंड क्रान्ति दल ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी युवाओं एवं छात्रों के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाले बयान दिए जाते रहे, तो पार्टी पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक ढंग से व्यापक जनआंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर केंद्रीय महामंत्री विजय बौडाई, प्रताप कुंवर, मीनाक्षी घिल्डियाल, राजेंद्र प्रधान, लुसन टोडरिया, महानगर उपाध्यक्ष निर्मल शाह, अनिल भंडारी, महानगर महिला अध्यक्ष कल्पना सेमवाल, महानगर महामंत्री राजीव नौटियाल, महानगर मंत्री मनोज भट्ट, महानगर महिला प्रचार मंत्री कल्पना बिजल्वाण, संतोष नौटियाल, शैलेन्द्र गुनसोला, अजय सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
महेंद्र भट्ट ने दी सफाई
विवाद बढ़ने पर महेंद्र भट्ट ने तुरंत एक और वीडियो जारी कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष उनके बयान को गलत तरीके से पेश कर रहा है। उन्होंने “साले” नहीं, बल्कि पहाड़ी लहजे में “सारे” (सभी) शब्द का इस्तेमाल किया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आखिरकार उन्होंने युवाओं की भावनाएं आहत होने पर खेद जताते हुए माफी मांग ली। इसके अतिरिक्त, कुछ दिन पहले NEET परीक्षा को “NET” बोलने को लेकर भी वे ट्रोल हुए थे। इसके अलावा भी उनके कई बार के बयानों ने विवाद का रूप लिया है। वैसे हाल के बचान को लेकर सोशल मीडिया में वीडियो उपलब्ध है। उसमें कोई भी सुन सकता है कि क्या बोला, या क्या सुनाई दिया।
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