अव्यावहारिक निर्णयों से पहले अपनी कार्यप्रणाली सुधारे श्री देव सुमन विश्वविद्यालय: डॉ. सुनील अग्रवाल
डॉ. सुनील अग्रवाल
निजी कॉलेज एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ सुनील अग्रवाल ने श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के निर्णयों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को अव्यावहारिक निर्णयों से पहले अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना होगा। नहीं तो प्रदेशभर के छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी रहेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
एक बयान में डॉ. अग्रवाल ने कहा कि श्री देव सुमन विश्वविद्यालय की ओर से सत्र 2026- 27 में प्रवेश के लिए समर्थ पोर्टल में रजिस्ट्रेशन की आखिरी तिथि 30 जून निर्धारित की। यह कहा गया है कि इसके बाद तिथि नहीं बढ़ाई जाएगी। विश्वविद्यालय के अधिकारियों को मालूम है कि प्रवेश प्रक्रिया अगस्त तक चलती है। अब प्रत्येक वर्ष की तरह समर्थ पोर्टल को खोलने और बंद करने का खेल चलता रहेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के अधिकारी कर्मचारी चाहेंगे कि कॉलेज संचालक उनके पास आकर अनुरोध करें और फिर हम एहसान दिखाते हुए चार दिन के लिए पोर्टल खोलें। फिर बंद कर दें। प्रत्येक वर्ष की तरह चार दिन पोर्टल खोलने और 15 दिन बंद रखने के इस खेल से छात्रों में असमंजस की भावना बनी रहती है। वे प्रवेश के लिए निजी विश्वविद्यालयों की तरफ रुख करते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि कोई भी नीति छात्रों को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के हित के लिए होनी चाहिए। श्री देव सुमन विश्वविद्यालय कोई ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की तरह तो है नहीं, जो छात्रों की प्राथमिकता में रहता हो। अभी विभिन्न कोर्सों में राष्ट्रीय स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। सीबीएसई में जिन छात्रों के परीक्षा परिणाम गड़बड़ हुए थे, उनका भी अभी समाधान होना है। ऐसे में विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में अभी प्रवेश की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन बंद करने की घोषणा छात्र हित में नहीं है। एक ओर विश्वविद्यालय चाहता है कि प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन जून में संपन्न होकर जुलाई में प्रवेश होकर सत्र प्रारंभ हो जाएं। ये सोच अच्छी है कि सत्र समय से होना चाहिए, लेकिन अभी पिछले 25- 27 बीएड सत्र के प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं अब प्रारंभ हुई हैं। यानी अपने स्तर पर कितनी भी देरी कर दी जाए, लेकिन कॉलेज और छात्रों से सब कुछ समय पर चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पहले अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करे। तभी सत्र नियमित हो सकता है और विश्वविद्यालय की छवि ऐसी बन सकती है कि सत्र समय पर प्रारंभ हो। श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के पिछले बीएड सत्र 2025 -27 में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा खींचा गया। इससे अनियमितताओं का संदेह पैदा होता है। शैक्षिक कैलेंडर का पालन तभी हो सकता है जब विश्वविद्यालय अपनी अनियमिताओं को दूर करे।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।



