श्रमिकों की समस्याओं पर सीटू का कन्वेंशन, 26 हजार न्यूतम वेतन और श्रम कानूनों की बहाली को होगा संघर्ष
सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) का श्रमिक समस्याओं को लेकर एक दिवसीय कन्वेंशन देहरादून स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित किया गया। इस मौके पर 26 हजार न्यूतम वेतन और श्रम कानूनों की बहाली की मांग उठाई गई। साथ ही तय किया गया कि इन मांगों को लेकर संघर्ष किया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कन्वेंशन में सीटू के राष्ट्रीय महामंत्री एवं पूर्व सांसद अलाराम करीम और राष्ट्रीय सचिव केएन उमेश ने अपने वक्तव्य में कहा कि केंद्र की मोदी सरकार श्रमिकों पर अत्याचार कर रही है। वर्ष 2020 में जिस समय सारी दुनिया करोना महामारी से त्रसत थी, उस समय आपदा को अवसर में बदलते हुए संघर्षो से हासिल किये गए श्रम कानूनो के खिलाफ चार श्रम सहिताएं संसद में पारित कराई गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि सीटू के साथ ही अन्य केंद्रीय ट्रेड यूनियनो के आंदोलन के कारण मोदी सरकार की इन श्रम सहिताओं को लागू करने की हिम्मत नहीं हुई। पिछले वर्ष जब बीजेपी ने बिहार का चुनाव जीता, उसके तुरंत बाद ही 20 नंबर 2025 को इसे लागू करने की घोषणा की गई। इससे श्रमिकों ने 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय हड़ताल आयोजित की। इसमे श्रमिकों की व्यापक भागेदारी रही है। इसके साथ ही न्यूतम वेतन 26000 रु करने की मांग को लेकर स्वतः स्फूर्त आंदोलन हो रहे है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि इन आंदोलनों को धार और सही दिशा देने की आवश्यकता है। इसलिए इन आंदोलनों का नेतृत्व सीटू को करना होगा, तभी श्रम कानूनों को बहाल कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी सीटू इस आंदोलन को धार देने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सहित कई राज्यों में श्रमिकों ने हड़ताल की है। ऐसा क्यों हो रहा है, इस पर सरकारों को विचार करना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
रुद्रपुर में वी गार्ड कंपनी के श्रमिकों के हड़ताल में जाने के बाद महिला कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया गया। पुरुष पुलिस कर्मियों ने महिला श्रमिकों पर लाठीचार्ज किया। वर्कर्स के शोषण पर रोक लगाने की इस मौके पर मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि घरों में काम करने वाले वर्कर्स को न्यूनतम वेतन नहीं मिलता है। वहीं केरलम में कही ज्यादा मिलता है। हमें उत्तराखंड में भी केरलम की तर्ज पर सारे वर्कर्स को संगठित करना होगा। उन्होंने कहा कि यूनियन बनाना हमारा संवेधानिक अधिकार है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर सीटू के प्रांतीय अध्यक्ष महेन्द्र जखमोला, महामंत्री राजेंद्र सिंह नेगी, सचिव लेखराज, एस. एस. नेगी, जिला सचिव अभिषेक भंडारी, भगवंत पयाल, दीपक शर्मा, कृष्ण गुनियाल, हिमांशु चौहान, रविन्द्र नौढ़ियाल, भोजन माता यूनियन से मोनिका, सुनीता, बबीता, आशा यूनियन से सुनीता चौहान, लोकेश देवी, रजनी यादव, कुशुम नौडियाल, मीना वर्मा, मनोज, नरेन्द्र सिंह, प्रदीप तोमर, बबलू प्रकाश, हरीश कुमार, जितेंद्र बिजलवान, धीर सिंह, नरेन्द्र राणा, नितिन बौंठियाल, चिंतामनी थपलियाल, दयाकिशन पाठक आदि उपस्थित थे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


