Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

March 10, 2026

चुनाव से पहले सीएम धामी ने पेश किया 1.11 लाख करोड़ का कर मुक्त बजट, विस्तार से जानिए प्रावधान

गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धामी ने 1,11,703.21 करोड़ का करमुक्त बजट पेश किया। अगले साल राज्य में विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में बजट में चुनाव से पहले की कसरत भी नजर आई। इस बार का यह बजट पिछले बजट से 11.41 फीसदी ज्यादा है। मुख्यमंत्री के पास ही वित्त विभाग का भी जिम्मा है। बतौर वित्त मंत्री धामी ने पहली बार सदन में बजट रखा तो सत्तापक्ष ने मेजें थपथपाकर स्वागत किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

नया बजट राजस्व सरप्लस एवं कर मुक्त है। इसमें राजस्व घाटा अनुमानित नहीं है। बजट में राजस्व व्यय 64989.44 करोड़, पूंजीगत व्यय 46713.77 करोड़ रुपये अनुमानित है। इसमें 12,579.70 करोड़ का राजकोषीय घाटा होने का अनुमान है। राजकोषीय घाटा एफआरबीएम एक्ट की सीमा के अंतर्गत है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पुष्कर सिंह धामी सरकार ने चुनावी वर्ष के अपने आखिरी और पांचवें बजट में समावेशी और समृद्ध उत्तराखंड की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए बजट पोटली खोली। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में हर वर्ग का खास ख्याल रखा गया है। अवस्थापना विकास को लेकर डबल इंजन की शीर्ष प्राथमिकता का बजट पर स्पष्ट प्रभाव है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बजट में नई सड़कों के निर्माण और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत पर दरियादिली से खर्च होगा। पूंजीगत मद में यानी निर्माण कार्यों और परिसंपत्तियों के सृजन के लिए 18,152 करोड़ रुपये की बड़ी राशि रखी गई है। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी यानी ज्ञान (जीवाइएएन) सरकार की प्राथमिकता में है। इन चारों स्तंभों के लिए तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि दी गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

विकास से विरासत के संरक्षण के एजेंडे को केंद्र में रखते हुए हरिद्वार में कुंभ के लिए 1027 करोड़ की धनराशि तो नंदा राजजात के लिए 25 करोड़ दिए गए हैं। हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा कारिडोर तो चंपावत में शारदा कारिडोर के लिए भी धन का प्रावधान किया गया है। बजट में सरकार ने राज्य में मनरेगा के स्थान पर लाए गए विकसित भारत- जी राम जी के लिए बड़ी धनराशि की व्यवस्था कर ग्रामीण क्षेत्रों को नई उम्मीद बंधाई है। वहीं डबल इंजन का दम वाइब्रेंट योजना पर भी दिखाई देगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

विकसित उत्तराखंड की दिशा में मजबूत कदम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को उत्तराखंड के भविष्य का रोडमैप बताते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं बल्कि राज्य के समग्र विकास की दिशा तय करने वाला बजट है। उन्होंने प्रेस वार्ता में कहा कि लगभग 1.11 लाख करोड़ रुपये का यह बजट विकास, विरासत, संस्कृति और आधुनिकता के संतुलन को दर्शाता है और “विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य गठन के समय उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 14,500 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 3.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यानी राज्य की आर्थिकी में 26 गुना से अधिक वृद्धि हुई है। इसी प्रकार प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2000-01 में 15,285 रुपये थी, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2,73,921 रुपये होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में राज्य की वास्तविक विकास दर 7.23 प्रतिशत अनुमानित है, जो राष्ट्रीय औसत के आसपास है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने FRBM अधिनियम के सभी मानकों का पालन करते हुए बेहतर वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है। सरकार ने राजस्व अधिशेष बनाए रखा है और राजकोषीय घाटे को जीएसडीपी के 3 प्रतिशत के भीतर रखा है। उन्होंने कहा कि यह राज्य के कुशल वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बजट में कुल 1,11,703 करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित है, जिसमें 64,989 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 18,153 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय शामिल हैं। वहीं कुल प्राप्तियां 1,10,143 करोड़ रुपये अनुमानित हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार से मिलने वाले करों में राज्य के हिस्से के रूप में लगभग 17,415 करोड़ रुपये तथा विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत लगभग 18,491 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त होगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा और मातृशक्ति को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए 1,327 करोड़ रुपये, अन्नपूर्ति योजना के लिए 1,300 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 298 करोड़ रुपये तथा शहरी आवास योजना के लिए 56 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

युवाओं के लिए शिक्षा और खेल के क्षेत्र में 11,871 करोड़ रुपये तथा कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए 586 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषि और बागवानी क्षेत्र में 1,113 करोड़ रुपये, जबकि पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए इस वर्ष 19,692 करोड़ रुपये का जेंडर बजट रखा गया है। इसके अंतर्गत सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0, ईजा-बोई शगुन योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट और नन्दा गौरा योजना जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग के लिए 2,501 करोड़ रुपये, ऊर्जा क्षेत्र के लिए 1,609 करोड़ रुपये तथा लघु सिंचाई के लिए 1,642 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में कई नई योजनाओं की शुरुआत भी की जा रही है। इनमें कुंभ मेला तैयारियों के लिए लगभग 1,027 करोड़ रुपये, साइबर सुरक्षा के लिए 15 करोड़ रुपये, इको-टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 18.5 करोड़ रुपये, स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व उभरती तकनीकों के लिए 13 करोड़ रुपये शामिल हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि सरकार नवाचार को भी बढ़ावा दे रही है। इसके तहत कीवी और ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, ट्राउट मछली पालन, सेब नर्सरी विकास, मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना और महक क्रांति जैसी योजनाएं शुरू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट का मूल मंत्र SANTULAN है, जिसका अर्थ है – समावेशी, आत्मनिर्भर, नई सोच, तीव्र विकास, उन्नत गांव और शहर, लोक सहभागिता, आर्थिक शक्ति और न्यायपूर्ण व्यवस्था। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास और पर्यावरण के संतुलन के साथ उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि यह बजट वास्तव में “विकल्प रहित संकल्प से विकसित उत्तराखंड तक की यात्रा का दस्तावेज” है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

GYAN पर रहा फोकस
G- गरीब कल्याण
Y- युवा
A- अन्नदाता
N- नारी सशक्तीकरण
नई योजनाएं
कुम्भ मेला के लिए भारत सरकार से अवस्थापना अनुदान के लिए 1027.00 करोड़
विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) हेतु समग्र रूप से रु0 705.25 करोड़
निर्भया फंड के लिए 112.02 करोड़
पर्यटन विकास हेतु अवस्थापना निर्माण के लिए 100.00 करोड़
कोलोनाइजेशन प्रोत्साहन के लिए अवस्थापना निर्माण के लिए 25.00 करोड़
हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना हेतु के लिए 10.00 करोड़
ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए 10.00 करोड़
साईबर सिक्योरटी के क्रियान्वयन के लिए 15.00 करोड़
इमरजिंग टेक्नोलॉजी एवं एआई के क्रियान्वयन के लिए 10.50 करोड़
महक क्रान्ति हेतु 10.00 करोड़
स्पिरिचुअल इकोनोमिक ज़ोन के विकास के लिए 10.00 करोड़
हाउस ऑफ़ हिमालयाज के लिए 5.00 करोड़
उत्तराखण्ड एवं भारत दर्शन के लिए 4.50 करोड़
सरयू एवं अन्य रिवर फ्रंट योजनाओं के लिए 10.00 करोड़
आपदा सखी हेतु 2.00 करोड़
ग्राम प्रहरीके लिए 5.00 करोड़
नशा मुक्ति केन्द्र के लिए 4.50 करोड़
पुस्तकालय निर्माण 5.00 करोड़
विदेश रोजगार प्रकोष्ठ 3.73 करोड़
न्याय पंचायत स्तर पर स्टेडियम 10.00 करोड़
रेस्क्यू सेंटर 19.00 करोड़ (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

गरीब कल्याण
अन्नपूर्ति योजना के लिए 1300 करोड़
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 298.35 करोड़
प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) 56.12 करोड़
ई.डब्ल्यू.एस. आवास हेतु अनुदान 25.00 करोड़
परिवहन निगम की बसों में निर्धारित श्रेणी के यात्रियों हेतु निःशुल्क यात्रा की सुविधा 42.00 करोड़
निर्धन परिवार के लिए रसोई गैस पर अनुदान -43.03 करोड़
दिव्यांग पेंशन, तीलू रौतेली पेंशन, बौना पेंशन एवं जन्म से 18 वर्ष तक के दिव्यांग बच्चों हेतु -167.05 करोड़
दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास- 25.00 करोड़
राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण- 01.00 करोड़ (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

किसान के लिए योजनाएं
ट्राउट प्रोत्साहन योजना हेतु 39.90 करोड़
आईटीबीपी बटालियन को जीवित भेड़. बकरी और कुक्कुट आपूर्ति योजना के लिए 3.50 करोड़
दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजनांतर्गत 42.50 करोड़
हाउस ऑफ हिमालयाज के अन्तर्गत 05.00 करोड़
मिशन एप्पल योजना अन्तर्गत समग्र रूप से 42.00 करोड़
दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना हेतु समग्र रूप 32.00 करोड़
मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजनांतर्गत- 20.00 करोड़
मुख्यमंत्री मत्स्य सपदा योजना के लिए 12.43 करोड़
मिलेट मिशन योजना के प्रोत्साहन के लिए 12.00 करोड़
स्थानीय फसलों को प्रोत्साहन कार्यक्रम के लिए 5.75 करोड़
मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना के लिए 20.00 करोड़
किसान पेंशन योजना 12.06 करोड़
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना 160.13 करोड़
गंगा कार्यकारी योजना के अन्तर्गत रखरखाव के लिए जल संस्थान को अनुदान 25.00 करोड़ (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

युवा कल्याण की योजना
मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए- 60.00 करोड़
मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के लिए- 10.00 करोड़
पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना हेतु- 62.29 करोड़
गैर-सरकारी महाविद्यालयों को सहायता अनुदान- 155.38 करोड़
शिक्षा मित्रों को मानदेय का भुगतान- 10.00 करोड़
सीएम युवा भविष्य निर्माण योजना- 10.00 करोड़
उल्लास नव साक्षरता कार्यक्रम के लिए 3.34 करोड़ (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

नारी सशक्तीकरण
नन्दा गौरा योजनांतर्गत 220.00 करोड़
प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना के लिए 47.78 करोड़
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजनांतर्गत 25.00 करोड़
मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजनांतर्गत 30.00 करोड़
मुख्यमंत्री महिला पोषण योजनांतर्गत 13.44 करोड़
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजनांतर्गत 15.00 करोड़
मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि हेतु- 08.00 करोड़
निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु 05.00 करोड़
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 3.76 करोड़
मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना हेतु 05.00 करोड़
राज्य में प्रसूता के लिए ईजा-बोई शगुन योजना हेतु समग्र रूप से 122 करोड़
मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजनांतर्गत 02.00करोड़
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत का निर्माण- 10.00 करोड़
गंगा गाय महिला डेरी विकास योजनांतर्गत 05.00 करोड़
जेंडर बजट बढ़ाया
सरकार ने इस सत्र में जेंडर बजट बढ़ाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 16961.32 करोड़ का प्रावधा था जो कि इस बार बढ़ाकर 19692.02 करोड़ का प्रावधान किया गया।
स्वास्थ्य विभाग में प्रावधान
बागेश्वर में जिला चिकित्सालय, डोईवाला, हरिद्वार, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी, नैनीताल में अस्पताल समेत कई योजनाओं पर काम चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग को 4252.50 करोड़, पूंजीगत मद में 195 करोड़ का प्रावधान किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अन्य प्रावधान
ईजा बोई शगुन योजना 14.13 करोड़
मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना 25 करोड़
मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना 15 करोड़
मुख्यमंत्री बाल एवं महिला विकास निधि 08 करोड़ का प्रावधान
अनुसूचित जातियों को 2400 करोड़
अनुसूचित जनजातियों 746.75 करोड़
अल्पसंख्यक 98 करोड़
अटल आयुष्मान योजना के लिए 600 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
खाद्यान्न योजना के अंतर्गत 25 करोड़, पीएम आवास योजना के लिए 298.45 करोड़, पीएम आवास 56 करोड़, ईडब्ल्यूएस के लिए 25 करोड़, परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा को 42 करोड़।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

 

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *