Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 31, 2026

उत्तराखंड में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट संविदा चिकित्सकों का बढ़ा वेतन

उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में संविदा के माध्यम से तैनात सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों के वेतन में वृद्धि की मंजूरी दे दी है। नये वेतनमान के निर्धारण से राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अब सुपर स्पेशियलिटी एवं रेडियोलॉजी विभागों में फैकल्टी की कमी नहीं रहेगी। सरकार ने मैदानी एवं पर्वतीय क्षेत्रों के लिये सुपर स्पेशलिस्ट एवं रेडियोलॉजिस्ट के वेतनमान का पुनर्निर्धारण किया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय मेडिकल कॉलेजों में संविदा पर तैनात सुपर स्पेशियलिटी एवं रेडियोलॉजी विभागों की फैकल्टी के वेतनमान का पुनर्निर्धारण कर बढ़ोत्तरी की है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों के मेडिकल कॉलेजों में आ रही फैकल्टी की कमी को दूर किया जा सकेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

विभागीय मंत्री ने बताया कि पुनर्निर्धारित वेतनमान के तहत कार्डियोलाजी, नेफ्रोलाजी, न्यूरोसर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, यूरोलॉजी एवं रेडियोलॉजी विभाग में तैनात सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सकों को बढ़ा हुआ वेतनमान दिया जायेगा। इसके तहत मैदानी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों में तैनात प्रोफेसर को अधिकतम 4 लाख रूपये, एसोसिएसट प्रोफेसर को 3 लाख 20 हजार, असिस्टेंट प्रोफेसर को 2 लाख 20 हजार व सीनियर रेजीडेंट को 1 लाख 50 हजार रुपये का मानदेय निर्धारित किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में प्रोफेसर को रूपये 5 लाख , एसोसिएट प्रोफेसर को 4 लाख, असिस्टेंट प्रोफेसर को 3 लाख व सीनियर रेजीडेंट को 2 लाख रुपये तक का अधिकतम मानदेय दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि संविदा के आधार पर तैनात फैकल्टी के कार्य प्रदर्शन के मूल्यांकन के आधार पर मानदेय में प्रतिवर्ष वृद्धि का भी प्रावधान रखा गया है। इसके तहत असिस्टेंट प्रोफेसर एवं सीनियर रेजिडेंट के मानदेय में उत्तम कार्य प्रदर्शन के आधार पर 10 प्रतिशत तथा एसोसिएट एवं प्रोफसर के मानदेय में 7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि की जायेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इसके अलावा संविदा पर तैनात फैकल्टी को आयुष्मान भारत, अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना तथा राज्य सरकार के स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत राजकीय चिकित्सालयों द्वारा अर्जित क्लेम की धनराशि में से भी प्रावधान के अुनसार प्रोत्साहन राशि का भी भुगतान किया जायेगा। किसी भी संविदा फैकल्टी के सदस्यों को नौकरी छोडने अथवा इस्तीफा देने से तीन माह पूर्व कॉलेज प्रशासन को नोटिस देना होगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

डॉ. रावत ने कहा कि सुपर स्पेशलिटी संकाय सदस्यों के मानदेय के पुनर्निर्धारण से विशेषकर पर्वतीय क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों में आ रही फैकल्टी की कमी को दूर किया जा सकेगा साथ ही यहां अध्ययनरत मेडिकल छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन निर्बाध रूप से चल सकेगा।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो।