उपचुनाव में स्थानीय प्रशासन पर लगाया गड़बड़ी का आरोप, मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिले कांग्रेसी
उत्तराखंड में बदरीनाथ और मंगलौर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 10 जुलाई को मतदान होना है। 13 जुलाई को मतगणना होगी और चुनाव परिणामों की घोषणा हो जाएगी। इस बीच उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मंगलौर एवं बद्रीनाथ उपचुनाव में भाजपा सरकार पर स्थानीय प्रशासन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। इसे लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन आयोग से शिकायत की है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष संगठन एवं प्रशासन मथुरादत्त जोशी के नेतृत्व में मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिले कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बद्रीनाथ एवं मंगलौर विधानसभा क्षेत्रों में दिनांक 10 जुलाई 2024 को उपचुनाव सम्पन्न होना है। उपचुनाव प्रचार में भारतीय जनता पार्टी की ओर से सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन पर कांग्रेस की चुनावी जनसभाओं को रोकने का दबाव बनाया जा रहा है। उससे निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव की कतई उम्मीद नहीं की जा सकती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के दबाव मे स्थानीय प्रशासन किसी भी रूप में चुनावी सभा को नहीं रोक सकता। यदि स्थानीय प्रशासन को किसी जनसभा पर आपत्ति नजर आती है, तो भी केवल वीडियो, फोटोग्राफी कर चुनाव आयोग के माध्यम से नोटिस ही जारी करवा सकते हैं। चुनाव के दौरान किसी भी रूप में कांग्रेस प्रत्याशी पर दबाव बनाना उचित नहीं है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल ने आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा मंगलौर विधानसभा उपचुनाव में धनबल एवं बाहुबल का प्रयोग कर उपचुनाव में उत्तर प्रदेश और हरियाणा से आए हुए लोगों का परोक्ष रूप से दखल बढ़ाया गया है। स्थानीय प्रशासन सरकार के दबाव में उनकी कोई जांच नहीं कर रहा है। ना ही किसी पर चुनाव आचार संहिता के नियमों के तहत किसी रूप में कार्रवाई की जा रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आरोप लगाया गया है कि बाहरी राज्यों से आये लोगों के माध्यम से मतदाता को प्रभावित करने के लिए पूरी विधानसभा क्षेत्र में खुलेआम धन के साथ शराब बांटी जा रही है, जो कि लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। कांग्रेस पार्टी द्वारा पूर्व में भी शिकायत दर्ज की गई है कि मंगलौर विधानसभा क्षेत्र के अनेक हिस्सों में हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों के नम्बरों वाली गाडियां नजर आ रही हैं। इनमें भाजपा के चुनावी पोस्टर लगे हैं। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता व बाहर से आये हुए नेतागण वोटरों को प्रभावित करने के लिए शराब व धन को खुले आम बांट रहे हैं। चुनाव मे लगी सरकारी मशीनरी व पुलिस प्रशासन द्वारा इन लोगों व वाहनों के विरूद्ध किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आरोप लगाया कि मंगलौर में प्रशासन पूरी तरह सत्ता के दबाव में कार्य कर रहा है। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं को व स्थानीय लोगों को जांच के नाम पर तंग किया जा रहा है। उनके घरों में दहशत फैलाने के लिए छापेमारी की जा रही है। साथ ही विपक्षी दल के प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार न करने का मानसिक दबाव बनाया जा रहा है, जो कि लोकतंत्र के लिए उचित नहीं ठहराया जा सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि मंगलौर एवं बद्रीनाथ विधानसभा उपचुना में सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग रोका जाय। सात ही विधानसभा क्षेत्र में लोकतांत्रिक तरीके से निष्पक्ष चुनाव के मद्देनजर प्रभावी कदम उठाये जाएं। ताकि निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सम्पन्न हो सके। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ज्ञापन देने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन मथुरादत्त जोशी के अलावा प्रदेश महामंत्री याकूब सिद्धिकी, प्रवक्ता शीशपाल सिंह, सोशल मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संगठन के अवधेश पंत, महानगर देहरादून कांग्रेस अध्यक्ष जसविन्दर सिंह गोगी, विशाल मौर्या, अनुराग मित्तल आदि शामिल थे।
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