गोपेश्वर में आयोजित कवि सम्मेलन में युवा कवियों ने मनाया प्रतिभा का लोहा
बुलंदी संस्था की ओर से हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत चमोली जिले के गोपेश्वर में सुभाष चौक के निकट प्रतीक्षालय में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें युवा कवियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
बुलंदी संस्था की ओर से हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत चमोली जिले के गोपेश्वर में सुभाष चौक के निकट प्रतीक्षालय में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें युवा कवियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। बुलंदी संस्था ने हाल ही में सबसे बड़े वर्चुअल कवि सम्मेलन का आयोजना किया था। दावा किया गया था कि 207 घंटे के लगातार कवि सम्मेलन के जरिये विश्व रिकॉर्ड बनाया गया है।कवि सम्मेलन में युवा व नवोदित कवियों ने अपनी रचनाओं को सुनाया। कवि हरि प्रसाद मंगाई ने राज्यभाषा हिंदी भाषा के प्रचार -प्रसार के लिए लोगों को जागरूक किया।कवियित्री भागीरथी कुंजवाल ने बेटियों को लेकर की रचना पढ़ी और बताया कि ओलंपिक, क्या सेना व हर जगह बेटियां ही छा रही हैं। कवि अनुराग पोखरियाल ने- एक सवाल खुद से, कविता पढ़ी। इसके जरिए उन्होंने समाज की विसंगतियों पर करारा तंज कसा।
कवयित्री आशा रावत ने मानवीय संवेदना पर रचना पढ़कर माहौल बनाया। वहीं कई नवोदित कवियों ने अपने जीवन का पहला काव्यपाठ कर साहित्य जगत में अपने हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम का संयोजन बुलंदी संस्था की गोपेश्वर प्रभारी युवा कवयित्री गीता मैंदुली ने किया। साथ ही संचालन कवयित्री अनीशा ने किया। मुख्य अतिथि व वक्ता के तौर पर भरत भूषण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन दिनेश चंद्र मैंदुली ने किया। उन्होंने बताया कि बुलंदी संस्था अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य कर रही है। जल्द ही अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय कवि सम्मेलन गोपेश्वर में आयोजित किए जाएंगे। इस मौके पर बुलंदी संस्था की प्रभारी कवयित्री गीता मैंदुली ने बुलंदी संस्था के उद्देश्य के बारे बताया। इस मौके पर नेहा, ज्योति, योगिता, गीता नेगी, अनीशा, पवन, कृष्णा, संगीता बिष्ट,आरती गुंसाई, उपस्थित रहे।




