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July 18, 2026

उत्तराखंड पुलिस ने दिखाया दम, धर्म संसद में भड़काऊ भाषण देने पर वसीम रिजवी सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा, क्या मुकदमा ही काफी

हरिद्वार में 'धर्म संसद' में भड़काऊ भाषण देने के मामले में वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी और अन्य के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

हरिद्वार में धर्म संसद में हेट स्पीच देने के मामले में सवाल उठने लगे थे कि क्या उत्तराखंड पुलिस इस पर कार्रवाई कर सकती है। पुलिस ने दम दिखाया और हरिद्वार में ‘धर्म संसद’ में भड़काऊ भाषण देने के मामले में वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी और अन्य के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। समाज में नफरत फैलाने वालों के खिलाफ सिर्फ मुकदमा दर्ज करना ही काफी नहीं है। ऐसे लोगों को गिरफ्तारी भी तुरंत की जानी चाहिए। जो युवा पीढ़ी और हथियार उठाने की ओर प्रेरित कर रहे हैं। कार्यक्रम में जो संत दिख रहे हैं और लोगों को भड़का रहे हैं, उनके पैर सत्ताधारी पार्टी के नेता कई बार छूते नजर आ जाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सिर्फ मुकदमा ही काफी है। जब किसी दूसरे दल से संबंधित या फिर सोशल एक्टिविस्ट के खिलाफ एक ट्विट पर राजद्रोह या अन्य मुकदमें दर्ज कर दिए जाते हैं, तो क्या लोगों से हथियार उठाने का आह्वान करना और बीस लाख लोगों को एक साथ मारने की बात करने वालों पर सिर्फ मुकदमा दर्ज करने की खानापूर्ति करके मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। क्योंकि मुकदमा भी चार दिन बाद तब दर्ज किया गया, जब एनडीटीवी सहित कुछ अन्य मीडिया ने इस मुद्दे को उठाया।
उत्तराखंड पुलिस ने ट्वीट कर यह जानकारी दी। पुलिस ने ट्विटर पर लिखा कि सोशल मीडिया पर धर्म विशेष के खिलाफ भड़काऊ भाषण देकर नफरत फैलाने संबंधी वायरल हो रहे वीडियो का संज्ञान लेते हुए वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण त्यागी एवं अन्य के विरुद्ध कोतवाली हरिद्वार में धारा 153A IPC के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है और विधिक कार्यवाही प्रचलित है।

दरअसल, जितेंद्र नारायण त्यागी और अन्य पर आरोप है कि हरिद्वार में आयोजित ‘धर्म संसद’ कार्यक्रम के दौरान सभी वक्ताओं ने डरावने और हिंसक भाषण दिए। सोशल मीडिया पर भड़काऊ भाषण वाला वीडियो वायरल है, जिसे लेकर आम लोगों में काफी आक्रोश है। इससे पहले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा था कि उन्होंने अपनी पार्टी के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष को कहा है कि वो ‘धर्म संसद’ में भड़काऊ भाषण देने वाले सभी वक्ताओं के खिलाफ केस दर्ज कराएं।
धर्म संसद में विवादित भाषण देने का आरोप
बता दें कि धर्म संसद का आयोजन स्वामी नरसिंहानंग ने कराया था। इस सम्मेलन में वक्ता के रूप में हिंदू रक्षा सेना के अध्यक्ष स्वामी प्रमोदानंग गिरि और स्वामी आनंदास्वरूप, साध्वी अन्नपूर्णा शामिल हुए थे। वहीं बीजेपी नेता अश्वनी उपाध्याय पर भी कई आरोप लगे हैं, लेकिन उनका कहना है कि वह सिर्फ 30 मिनट ही कार्यक्रम में रुके थे। मुस्लिमों के खिलाफ विवादित भाषण पर कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि मुनव्वर फारूकी को उन जोक्स के लिए दंडित किया गया, जो उन्होंने नहीं सुनाए थे, लेकिन विवादित बोल बोलने वाले धर्म संसद के उन सदस्यों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
धर्म की रक्षा के लिए उठाएंगे शस्त्र
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साधु-संत कहते दिख रहे हैं कि धर्म की रक्षा के लिए वह शस्त्र उठाएंगे। अब मुस्लिम पीएम नहीं बनने देंगे। साथ ही वह मुस्लिम आबादी भी नहीं बढ़ने देंगे। धर्म की रक्षा के नाम पर साधुओं का यह विवादित भाषण तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं साध्वी अन्नपूर्णा भी कॉपी-किताब रखकर हाथ में शस्त्र उठाने की बात कहती दिख रही हैं।