शेयर बाजार में गिरावट जारी, अमेरिकी डालर के मुकाबले रुपये में 51 पैसे की गिरावट
शेयर बाजार में लगातार गिरावट का दौर जारी है।
शेयर बाजार में लगातार गिरावट का दौर जारी है। विदेशी कोषों की बिकवाली जारी रहने और विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा डॉलर की मजबूती के चलते भारतीय मुद्रा रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 52 पैसे की गिरावट के साथ सर्वकालिक निचले स्तर 77.42 पर आ गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 77.17 पर खुला। फिर गिरावट दर्ज करते हुए 77.42 पर आ गया जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 52 पैसे की गिरावट दर्शाता है। रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 55 पैसे की गिरावट के साथ 76.90 पर बंद हुआ था।विदेशी मुद्रा की बात करें तो इस साल 17.7 बिलियन डॉलर का निवेश विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से वापस लिया है। जोकि रिकॉर्ड बिकवाली है। दरअसल हाल ही में जिस तरह से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ब्याज दरों को एकदम से बढ़ाया, उसके बाद से बाजार में लगातार जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि मुद्रास्फीति को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण निवेशक जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। इस बीच छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 104.02 पर पहुंच गया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.14 प्रतिशत बढ़कर 112.55 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। शेयर बाजार के अस्थाई आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 5,517.08 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
पिछले कुछ दिनों में बाजार में भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है, जिसकी वजह से बाजार में बड़ी गिरावट आई है। आज एक बार फिर से सेंसेक्स में एक फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। बाजार खुलते ही तकरीबन 600 अंक टूट गया। वहीं निफ्टी की बात करें तो इसमे भी तकरीबन एक फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। निफ्टी में भी तकरीबन 200 अंकों की गिरावट दर्ज हुई है। निफ्टी आज 16227 अंक पर खुला जबकि 54188 अंक पर खुला।
सबसे अधिक गिरावट की बात करें तो टाटा पावर के शेयर में पिछले 6 महीनों में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली है। वोडाफोन, एचडीएफसी बैंक, यस बैंक, अडानी पावर, एक्सिस बैंक, सेल के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है। वहीं अगर अलग-अलग सेक्टर की बात करें तो निफ्टी बैंक, निफ्टी ऑटो, निफ्टी आईटी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में भी में एक फीसदी या उससे अधिक की गिरावट देखने को मिली है।




