परिषद ने की एसीपी, वाहन भत्ता एवं टीए पर लंबित बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड के प्रांतीय अध्यक्ष अरुण कुमार पांडे ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से भेंट कर कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों एवं समस्याओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की। साथ ही परिषद की ओर से मुख्य सचिव को ज्ञापन भी प्रेषित किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अरुण कुमार पांडे ने बताया कि 26 मई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि वित्त विभाग के प्रमुख सचिव के साथ पृथक बैठक आयोजित कर एसीपी 10, 16 एवं 26 से संबंधित विषयों पर निर्णय लिया जाएगा। साथ ही वाहन भत्ता एवं यात्रा भत्ता (टीए) से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श कर उन्हें कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
परिषद ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि उक्त महत्वपूर्ण बैठक अभी तक आयोजित नहीं हो पाई है। इससे कर्मचारियों में असंतोष एवं निराशा का वातावरण है। परिषद ने इन विषयों पर शीघ्र निर्णय हेतु बैठक आयोजित कराने का अनुरोध किया। इस अवसर पर कर्मचारियों की चरित्र पंजिका (ACR) से संबंधित समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
परिषद द्वारा मुख्य सचिव को पत्र सौंपकर वर्ष 2025-26 के लिए बंद हो चुकी ACR Batch Creation Window को विशेष परिस्थितियों में पुनः खोले जाने की मांग की गई। परिषद का कहना है कि अनेक विभागों में तकनीकी कारणों, समयाभाव एवं कुछ अधिकारियों के सेवानिवृत्त हो जाने के कारण ACR संबंधी प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पाई है, जिससे बड़ी संख्या में कार्मिक प्रभावित हो रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
परिषद ने गोल्डन कार्ड योजना के संचालन में आ रही व्यावहारिक समस्याओं के निराकरण हेतु स्वास्थ्य विभाग के साथ हाल ही में हुई बैठक का भी उल्लेख किया। परिषद के अनुसार बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सकारात्मक चर्चा हुई है तथा योजना में आवश्यक सुधार की दिशा में प्रगति की उम्मीद है। परिषद ने इस विषय पर सकारात्मक पहल के लिए स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया। परिषद ने आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार कर्मचारियों से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत प्रदान करेगी।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


