वृक्षारोपण कार्यक्रम की रस्म अदायगी के लिए आजकल जगह-जगह हजारों वृक्ष लगाएं जा रहे हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम पांच...
Literature
प्रेम का बीज बोकर तो देखो इस बंजर माटी में ए मानव तुम, प्रेम का बीज बोकर तो देखो। चारों...
जीवन झड़ पड़ता डाली से, मैं पतझड़ का पीला पात। इस जग में आया फिर मैं, लेकर फिर से नया...
सोया नसीब यूं कि जगाया न जा सका। फिर भी खुदा से अपना भरोसा न जा सका।। दिन-रात मांगते रहे...
क्यों कलम तोड़ने को आतुर मै भी रोज स्कूल जाना चाहूं, क्यों घर में कैद करने को आतुर तुम। मैं...
"आज फिर थकी हारी" मन में कई सवाल लिए स्कूल से घर पहुंची ममता। "मां मैं पढाई नहीं छोडना चाहती"...
जब सरकार बड़ी है बेरोजगारी दूर होगी अब कैसे, डिग्रियां जब जेबों में पड़ी हैं। रोजगारी के सपने लेकर, आशा...
हंसना सिखाया मुझे पहाड की इन वादियों ने रोना सिखाया दुनिया के दर्द ने जीना सिखाया गुरु की अनन्त प्रेरणा...
बढ़दि-घटदि हौंस-रौंस मुंड का बल जल़मि, य ज्वनि बढ़णीं च. खुटौं बटि बुढ़ापा ऐ, जिंदगी- ढऴणीं च.. मुंड-मुक-बरमंड-पैली ऐ ,...
जब से होश संभाला ग्वाणु दीदा उर्फ़ बैपारी भाई (व्यापारी भाई), मिस्त्री जी, उर्फ़ बाकि जी कई नामों से जाना...
