उर्ययूं काम क्वि बि उर्ययूं काम, जब न तब पुर्यये जांद. ऐंडा- बैंडौं कु, कबि-कबि ऑखि घुर्यये जांद.. पैंसा ह्वे...
Literature
एक-दिन बक्त फरि- कमयूं पैंसा, खरचण पोड़द. ये जीवन छैंद- वीं पैंसा, बरतण पोड़द. निलै- निखै जीवन, मस्स-मसिकि जांद, जंक-...
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित कार्यालय में रविन्द्र कुमार सैनी के अंग्रेजी काव्य संग्रह My...
बग्त कि धुरि बग्त की धुरि- घूमि-फिरि, अज्यूं- वखि आंद. सयूं- सयूं दौड़णां बाद बि, यो ज्यू-यखि आंद.. मन्खी मन...
अभय पशु जीवन वन एक बहुत बड़ा और घना जंगल था। उस जंगल में अनेकों पशु- पक्षी प्रेम से रहते...
शब्द बौने हो गए प्रातःकाल चारों ओर देखता हूँ, हरियाली ही हरियाली है सूर्य की पहली किरण , वसुंधरा पर...
अकेलापन झिट घड़ी अकेलापन, कन कटणां कु आंद. जिंदगी सुख- दुख, दगड़म बटणां कु आंद.. अकेल्म रै, याद आंद कबि...
किसान के दुश्मन जीव जंतु हो या मानव यहाँ, तेज हवा हो या आंधी तूफान। वर्षा हो या सूर्य की...
दिल में कितना मैल भरा दिल में कितना मैल भरा पड़ा है, फिर क्यों सबको सुंदरता की चाहत। मिटा...
हे केदारनाथ जी हे केदारनाथ जी मुझे अपने मंदिर में सुलगती अगरबत्ती बना दो जिससे मेरे अवगुण दूर हो सद्...
