बोल-बाबा कूं मुलक हे ऊंची डाण्डियों तुम निशी ह्वावा बाबाजी कूं मुलक देखण द्यावा। घनी कुलांई तुम निशी ह्वावा बाबाजी...
Literature
गढ़वऴि भाषा दिवस गढ़वऴि भाषा कु दिवस च, बल आज. भाषा अपड़ि हमन बचांण, चल आज.. गढ़वऴि ब्वाला- बच्यावा, याच...
चरण छोड़कर मैं कहां जाऊं मैया चरण छोड़कर मैं। कहां जाऊं मैया चरण छोड़कर मैं मिलाना सहारा मुझे जब कहीं...
ठाठ-बाट ठाठ- बाट कि- या जिंदगी, कै घाट ह्वेगे. रात- दिन दौड़दी जिंदगी, इक बाट ह्वेगे.. खुटि म खुटि धरि,...
घाम-छैल मारि- धारि कुछ-नि, घैल ह्वे जिंदगी. इनि - किलै, घाम - छैल ह्वे जिंदगी.. करणि- धरणि बगैर, निठलि सी...
चांद और चांदनी एक दिन चांद ने चांदनी से आकर कहा तुम इतनी सुन्दर क्यों हो मुझको आकर तो बतला...
मंथा अर मन्खि जनि बि हो-यीं मंथान्, अपणु-मरम नी छोड़. कनि बि हो- मन्खिल बि, खटकरम नी छोड़.. सालभरा- बारा...
कवि की महत्ता कवि अनन्त कवि सूरज कवि समाज कवि धर्म कवि पहाड़ कवि रसधारा कवि धार में नदी किनारा...
श्री नारायण कृष्ण मुरारी श्री नारायण श्रीकृष्ण मुरारी देवकीनन्दन असुरनिकन्दन तुमको बारम्बार नमन अष्टमी तिथि नक्षत्र रोहिणी वृष लग्न पुण्य...
नौछमि-नारैंण नौछमि नारैंण छु मीं, जन्म ल्यूंलु आज. मना मंसा पूरि करलु, मंग्यूं- द्यूंलु आज.. मिंछु दगड़्यूं-कु दगड़्या, मिन-दग्ड़ु निभै,...
