चाहे कोई त्योहार हो या फिर धार्मिक अनुष्ठान। अब सभी में दिखावा ज्यादा ही होने लगा है। हमारे पर्वों का...
Literature
मैं अविनाशी काशी वासी महाकाल प्रलयंकर हूँ हाँ मैं शंकर हूँ हाँ मैं शंकर हूँ मरघट वासी मैं कैलासी मणिकर्णिकाघाट...
किसी काम से रिटायर होना यानी सेवानिवृत होना। कितना अटपटा लगता है रिटायर शब्द को सुनकर। सबसे अटपटा तो उसे...
सचमुच डांस भी एक कसरत से कम नहीं है। धूमधड़ांग वाले किसी म्यूजिक की ताल में उस व्यक्ति के कदम...
पहले क्रिकेट कभी कभार ही टेलीविजन में देखने व रेडियो में सुनने को मिलता था। अब तो क्रिकेट की कोई...
तेरी वज्म में चले आये थे जो कितने ही अनजान चेहरे । हम दूर खड़े हो कर भी पहचान रहे...
कहते हैं कि जब व्यक्ति को ठोकर लगती है, तभी वह संभलता है। इस जीवन की रीत ही यही है।...
मातृभाषा दिवस आया और चला गया। अधिकांश लोग तो इस दिवस के नाम पर सिर्फ परंपरा निभाते नजर आते हैं।...
विजय ने फेसबुक में नया-नया एकाउंट खोला। हर चेहरे को देखकर वह फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता। कहीं से मंजूर हो जाती...
किसी का आना किसी का आना भी, किसी की विदाई का सबब बन जाता है । बचपन का जाना भी...
