बेचैन मन बेचैन मन सोचता बहुत है तर्क बितर्क के जंजाल में वो फंसता सा चला जाता है निरन्तर जीता...
Literature
मां मां तुम अचानक चली गयी हम सबको छोडकर यादें संस्कार, विचार दुलार छोडकर इस दुनिया से चली गयी मां...
अल सुबह टेलीफोन की घंटी न ही बजे तो अच्छा है। मैं सुबह के समय टेलीफोन रिसीव करने से भी...
खूबसूरत तू... खूबसूरत तू खूबसूरत है... मॉं तू सबसे खूबसूरत है... तेरी सुंदर प्यारी मूरत है... मॉं तू सबसे खूबसूरत...
सच कहो तो मन की भावनाओं को शब्दों में बयां करना मैं लीला से ही सीखा। उस लीला से जो...
इस जीवन की कड़वी सच्चाई मौत भी है। जब एक बार कोई इस धरती पर आता है, तो उसका जाना...
जीते जागते सोचो तो ख्वाब। नींद में देखो तो सपना। सच ही है कि ख्वाब में व्यक्ति का अपना जोर...
सच ही कहा जाता है कि सत्ता की धमक में नेताजी का अंदाज बदल जाता है। पहले तक लोगों के...
समाज ने सहर्ष स्वीकारा समाज ने सहर्ष स्वीकारा है, निरक्षर स्त्री को मगर नही स्वीकार कर पाया, पुरुषों से ज्यादा...
इस गांवों में अब तो चिड़ियों ने भी चहचहाना छोड़ दिया। पहले कभी चिड़ियों की चहचहाट से सुबह होती थी...
