मुझे मेरे हिस्से का आसमान चाहिए। मुझे मेरे हिस्से का आसमान चाहिए। थोड़ी सी जमीं नहीं सारा जहान चाहिए। मैं...
Literature
हम रोशनदान हैं! हम दीवार नहीं रोशनदान हैं। हमसे आती है रोशनी घर में। हमारी भाती है उपस्थिति घर में।...
टूट गया है जो ऐनक ये, ऐनक अब दिलाएगा कौन। ख़त्म होने को हैं दवाएँ, ये दवाएँ अब लाएगा कौन।।...
ज़िंदगी कंदील हो गई आईनों के शहर में चेहरों पर नक़ाब है। हवाओं को आने की इजाज़त नहीं है। ताका-झांकी...
आज हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्त्वाल की पुण्य तिथि एवं हिंदी दिवस का कार्यक्रम हिमवंत कवि चन्द्र कुवर बर्तवाल शोध...
वर्ष 2023 का विद्यासागर साहित्य सम्मान वरिष्ठ रचनाकार शोभाराम शर्मा को दिया जाएगा। वहीं सामाजिक क्षेत्र में अनिल स्वामी (थपलियाल)...
मैं तुम्हें जब देखता हूं अपनी ठहरी उथली कल्पनाओं से एक अंतर्द्वंद्व - सी स्वर झंकृत होकर बिखेर देती स्त्री...
सियासत की बिछने लगी बिसात। देश को पता तो चली औकात। फूटी आंख न जो कभी सुहाए मिलने लगी उन्हीं...
शुभागामन शरद ऋतु का बहुत ठंडी हवाएं हैं बहुत ही सर्द है मौसम, शायद कल रात बारिश ने वसुधा को...
कई दिनों बाद बारिश हुई मौसम की सफल न साज़िश हुई। कई दिनों बाद बारिश हुई। बरसे बादल ये क्या...
