कभी कभी कुछ लोग हाँ वही कुछ लोग कहते है वो जिसे पीठ पीछे की बात कहते हैं पर मैं...
Literature
कानून हमें आरक्षण दे दो। मेरा प्यारा हिन्दुस्तान, जहां आरक्षण सदाबहार। आजादी के वर्ष बहत्तर, आरक्षण ही खेवनहार। मेरा प्यारा...
दो दिन की काट खाने वाली ठंड के बाद जब चटक धूप खिली। यह पहाड़ी धूप है। जिसमें धुंध नहीं...
लेना देना और सीख जो सिखाए ज्ञान तुमको , उससे ज्ञान तुम लेना। जो बताये चोर का रस्ता, उस पर...
आज मैं भी मुस्कुराना चाहता हूँ। साल बीसा को भुलाना चाहता हूँ। आ गया है द्वार पे नव वर्ष देखो।...
निशांत के लिए शिशिर ऋतु की सीत, ज्यूं जम जाय संसार। ग्रीष्म ऋतु का ताप, उगलता आग आकाश। पावस ऋतु...
बूंद भर जीवन आज चांद टूट गया देख साधिका ताप । कैसे करूं बखान, आज साधक हार गया।। बूंद नीर...
एक कहावत है कि प्रेम में व्यक्ति अंधा हो जाता है। उसे अच्छा व बुरा कुछ भी नहीं दिखाई देता।...
सावित्री बाई फुले मिले सबको एक सम्मान, पढ़ा-लिखा हो हर इन्सान। मिटे देश की हर कमजोरी अनपढ़ रहे न कोई...
बाधाओं से कब तक डरेगा बंदे! बाधाओं से कब तक डरेगा, कब तक अपनी राहे पलटेगा, वो राहो के पत्थर...
