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January 17, 2026

Deendayal Banduni ‘Deen’

आजादी बड़ि कुर्बन्यूं से मिलीं आजादी, भलिके सम्माऴ देश रक्षा कि खातिर, द्वी कदम चलिके सम्माऴ तिल-मिल नि द्योखु वो...

बढ़दि-घटदि हौंस-रौंस मुंड का बल जल़मि, य ज्वनि बढ़णीं च. खुटौं बटि बुढ़ापा ऐ, जिंदगी- ढऴणीं च.. मुंड-मुक-बरमंड-पैली ऐ ,...

तुम बि हीटा उनै आजा- लोग, भैंडि- आदतौं से- लाचार ह्वी. बात पीछा सब्यूंका, अलग-अलग बिचार ह्वी.. मुख समणि, एक...

बेटी ब्वे- बुबजी, गुमान हूंद बेटी. द्वी - घरौं की, शान हूंद बेटी.. बोल़द-बच्यांद, खिल-खिलांद, हीरा-मोत्यूं कि, खान हूंद बेटी.....

अचकल्यूं अचकल्यूं कनु-अणजांण सी, जीवन ह्वेगे. लतोण्यूं- पतोण्यूं बेजांण सी, जीवन ह्वेगे.. करणी-धरणी कुछ नि रैगे, मौज हुण लगीं, खालि-...

जिंदगी संसकारौं- कि- धरोड़, हूंद जिंदगी.. ज्यू भितर छुपी- मरोड़, हूंद जिंदगी.. मन्खि मन-जन चा़ंद, उनि-बड़ि जांद, मन कु क्वी-कोड़-छोड़,...