ऐ वक्त ऐ वक्त सृजन... शान्ति ... सुकून .... गांव लौटा दे मुझे ऐ वक्त वो स्कूल का विद्यार्थी जीवन...
साहित्य
प्यार की माला मन में हिलोरे मारते, कुछ टूटे बिखरे शब्दों का। कुछ महक बिखेरते फूलों का, सोचती हूँ बना...
बच्चों के मन की पीड़ा ये वक्त वक्त की बात है, लगता नहीं कोई मेरे साथ है। कलम स्याही कापी...
दु-मुख्या वेन त बड़ै हमु- सबु, बरोबर इक-नसि यख. हमन बड़ै दे वेकि या, धरोहर कन-नसि यख.. क्वी बढ अगनै-क्वी...
स्वार्थी मत बनो पेड़ पौधे पुष्प धूप में खड़े अडिग, उन्हें जल तो देने आ जाओ। सूख रहा तन मन...
ऊँची उड़ान हथेली पर जान लिए वो, ऊँचे आसमां में उड़ चला । साहस तो देखो उसका इतना, बादलों को...
इक-मुख्या गंजुणु खयां सि-न घपक्या रा , घर भितर. बाच-बचन गाढा-न झपक्यां रा, घर भितर.. बोलद रा ज्यू कि बात,...
धीरे धीरे चल इंसा यहाँ धीरे धीरे चल इंसा यहाँ, अभी तो कई काम बाकी हैं। गुजर गया जो दिन...
मित्रता सारे रिश्ते नाते प्यारे पर स्वार्थ के आगे हारे एक सुहाना प्यारा रिश्ता जो खुद से हमने ही जोड़ा...
कल शायद हम न होंगे क्यों नहीं सुनते दिल से साहेब, कल शायद हम यहाँ न होंगे। शिकायतें थी जो...
