वेश बदलना भी एक कला है। वेश बदलकर जो पहचाना नहीं जाए, वही वेश बदलने की कला में माहिर होता...
साहित्य
अमूमन रविवार की सुबह टीवी ऑन कर पत्नी गाने लगा देती है। रंगोली में एक दिन फिल्म पहचान के गाना...
अक्सर कई बार सड़क पर कोई नोट पड़ा होता है तो उसे देखने वाला सबसे पहले ये देखने का प्रयास...
वाकई नाखून कमाल की चीज है। जिसमें खून ही नहीं है, वही तो नाखून है, जो हर व्यक्ति के पास...
पहली अप्रैल, यानि हंसी-खुशी व मजाक का दिन। इस दिन अक्सर कोई सच भी कहे तो पहली बार यही लगता...
भारत सर्वेक्षण विभाग में राजभाषा कार्यान्वयन समिति में महिमानंद भट्ट को केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद के प्रतिनिधि के रूप में...
ये डर ही ऐसी चीज है कि इससे कोई अछूता नहीं रहता। डर का कई बार वाजिब कारण होता है...
बचपन में एक कविता पढ़ी थी। उसका भाव यही था कि व्यक्ति के जीवन में सबसे उत्तम काम खेती है।...
बात वर्ष 2012 की है। एक सुबह मुझे एक परिचित का फोन आया। पहले में फोन करने वाले की आवाज...
कहावत है कि जैसे कर्म करोगे वैसा ही फल पाओगे। यह फल हमें कहां से मिलता है। क्या इस फल...
