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November 7, 2026

साहित्य

हे मां अब माफ करना। क्योंकि मैं तेरी ऐसी नालायक औलाद हूं, जो तुझसे दूर रहता हूं। मैने भले ही...

लिखने को तो मैं भी लिख सकता हूँ सच्ची झूठी कहानी। आओ मैं सुनाता हूँ तुमको हकीक़त अपनी ज़ुबानी।। हमको...

क्या सच में आप अपनी मां से प्यार करते हो। यह सवाल ऐसा है कि अमूमन जिससे भी पूछोगे, तो...

वैसे तो मां की किसी भी आदत व व्यवहार की बराबरी कोई नहीं कर सकता। मां हो या नानी हो...

एक मां वह होती है, जो बच्चे को जन्म देती है, लेकिन उसका लालन पालन नहीं करती। वहीं, एक मां...

अपनी सहूलियत के हिसाब से हर शख्स अपना किरदार रखता है.. उड़ते परिंदो के लिए कोई बंदूक तो कोई पानी...

बचपन में सबसे आसान खेल मुझे कुर्सी दौड का खेल लगता था। इस खेल में गोलाई पर कई कुर्सियां लगी...