मैं ज़िंदगी कहूँ तो तुम.. तुम्हे ही पुकारा गया, ये बात समझना। मैं खुशी कहूँ तो तुम.... तुम्हे देखने की...
साहित्य
बढ़ आगे चल... चल उठ, चल उठ, चल उठ बढ़ आगे चल-4 मैं बात पते की करने का गफलत में...
दफ्तर से देर रात को घर आने या देर रात को दफ्तर जाने वालों के लिए हर सड़क व गली...
हथियार रखना और उसका इस्तेमाल करना दोनों अलग-अलग बात है। ठीक उसी तरह जैसे घर की आलमारी में किताबें सजाना,...
पांच व्यक्ति और 45 चाय का आर्डर। बन गई ना दिमाग की चक्कर घिन्नी । पर यही सच था कि...
कहते हैं कि किसी काम को करो, तो दीवानगी की हद तक। तभी वह काम पूरा होता है और परिणाम...
कहावत है कि बगैर सोचे समझे कोई काम नहीं करना चाहिए। जल्दबाजी में किया गया काम हमेशा गलत हो जाता...
कम काम करने और दिखावा ज्यादा की आदत अक्सर नेताओं देखी जाती रही है, लेकिन अब तो ऐसी आदत हर...
सिक्के के की तरह व्यक्ति के व्यक्तित्व के भी दो पहलू होते हैं। व्यक्ति के भीतर दो तरह की प्रवृति...
कहते हैं कि जब किसी मोहल्ले में एक समान विचारधारा वाले ज्यादा लोग रहते हैं, तो वहां बसने वाले अन्य...
