कई बार झगड़े का कोई बड़ा कारण नहीं होता और न चाहते हुए विवाद हो जाता है। विवाद इतना बढ़ता...
साहित्य
गढ़वाल महर्षि तारादत्त गैरोला जी की आज पुण्य तिथि है। उन्हें एक वकील, लेखक, संपादक के रूप में जाना जाता...
स्वरचित गीत बस कर... छोटी छोटी बातों की, खोटी बात बस कर-2 हंकार बस कर, अहंकार बस कर-2 बड़े बड़े...
दिल्ली की लेखिका गीतांजलि श्री के हिन्दी उपन्यास 'रेत समाधि' (टॉम्ब ऑफ सैंड) को अंतरराष्ट्रीय बुकर प्राइज़ मिला है। 'रेत...
एक दोपहर कड़ी धूप में मैं देहरादून की सड़क से गुजर रहा था तो आगे सड़क पर कुछ जाम नजर...
मैं इंसान कैसा हूँ, इसका कोई भी मसला नहीं। गर्ज़ निकल जाए, तो फ़िर ख़ुदा भी भला नहीं।। थोड़ा अड़ियल...
मोहल्ले के नुक्कड़ में परचून की दुकान। इस दुकान के आगे आबारा कुत्तों की भीड़। हर सुबह करीब साढ़े नौ...
सच ही कहा गया कि व्यक्ति जैसा कहता है, सोचता है और करता है, वैसा ही बन जाता है। अच्छा...
सीखने की कोई उम्र नहीं होती। व्यक्ति हर समय किसी से किसी न किसी रूप में सीख सकता है। सीखने...
बचपन में देखता था कि अक्सर गर्मियों में देहरादून के परेड मैदान में नुमाइश लगती थी। आजकल नुमाइश का रूप...
