पुरणि याद फाणा- पंगतौंम बैठि, कबि खॉड़ु खायी तुमन.हतौंम हत डाऴि , झौंड़ा-चौंफऴा गायी तुमन.. खॉड़ा की पंगत्यूंम बैठि, यख...
साहित्य
मैंने जीना सीखा हैसस्ताई में महँगे का भी सौदा करना सीखा है,जमीं पे नीड़ बना मैंने अंबर में उड़ना सीखा...
महान जनकवि बाबा नागार्जुन हिन्दी साहित्य के अग्रणी कवि के रुप मे जाने जाते हैं। वे संघर्ष के कवि के...
बहुत है…… खुल के मुस्कराने का जी चाहता है……पर गमो का कारवा भी तो बहुत है…….. उडना चाहती हूँ खुले...
एक----बच्चे नेआंसुओं मे डूबी नाव सी आंखों से मां को देखाबच्चे को बहता दिखा अफनि चेहरा दोनो एक दूसरे कोकिनारे...
जो किसी निर्दोष को दुख देता है, उसे कभी सुख की प्राप्ति नहीं होती । भगवान उसका सुख धीरे-धीरे छीन...
पहाडों की गोद में पहाड़ों की गोद में हीरा दबा सा है,पहाड़ों की गोद में हीरा दबा सा है।इसके भीतर...
नफरतों के बयान रहने दो।कुछ तो अम्नो-अमान रहने दो।। कल सियासत के काम आएंगे।ये सुलगते मकान रहने दो।। है वतन...
लगे भवानी लाडली ,गिरिनंदिनी राजकिशोरी ।मै तो तुझे मनाऊं माता ,सुन लो विनती मोरी ।। अहो सलोना रूप तेरा मां...
फरिश्तों के घर से ,फलक से उतर के ।मैं किसी के घर आई ,किसी की गोदी में समाई ।। किसी...
