राम धाम जो आया है, जीवन सफल बनाया है। अवधपुरी में आया जो सरयू नद में नहाया जो। जीवन उसका...
देहरादून
भोर का शोर। मचा चहुं ओर। टूट अब गई नींद की डोर। कलरव का अब रहा ना दौर। ज़िंदगी चली...
ज़िंदगी जीत - हार हो गई। बेल - बूटे कभी कढ़े नहीं। किनारी गोटे भी जड़े नहीं। ज़िंदगी तार -...
हाथों की चंद लकीरों से हम लिखते रहे किस्मत सदा। आड़ी, तिरछी, गोल लकीरें। लिखें हमारी ये तक़दीरें। लकीरों के...
उत्तराखंड के प्रसिद्ध रंगकर्मी और गायक आलोक मलासी की आवाज में भजन का आनंद उठाइए। आलोक मलासी केंद्रीय विद्यालय में...
कभी शहर, कभी गांव में रहे। मुफ़लिस फ़िर भी तनाव में रहे। छोड़कर वे उलाहनों की छत कभी धूप, कभी...
वादों के सौदागर वादों के सौदागर आएंगे। फ़िर वादों से वे भरमाएंगे। चुग्गे डाल वे तुम्हारे आगे फ़िर जाल में...
धीरे -धीरे हम तारीख़ों में यूँ ही व्यतीत हो रहे हैं। लम्हा-लम्हा हम देखो यूँ हर पल अतीत हो रहे...
खुशियों के अक्षत डाल गया तेईस का साल। सपनों का सूरज उगा। हाथों से फ़िर तम चुगा। कमल खिलाकर हर...
कोलाहल के यहां सब बहरे हैं। दीवारें भी सुन नहीं पाती हैं। बैठकें भी बतिया नहीं पाती हैं। घण्टियों से...
