दयानंद वूमेंस ट्रेनिंग कॉलेज में स्पेक्स ने छात्राओं को दिया एलईडी बल्ब बनाने का प्रशिक्षण
वैज्ञानिकों की संस्था स्पेक्स की ओर से देहरादून में उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत दयानंद वूमेंस ट्रेनिंग कॉलेज की छात्राओं को एलईडी बल्ब बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही छात्राओं को ऊर्जा बचत, पर्यावरण संरक्षण, ई कचरा न्यूनीकरण के लिए प्रेरित किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम का संचालन करते हुए स्पेक्स के नीरज कुमार उनियाल ने संस्था का परिचय और प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों में ऊर्जा बचत, पर्यावरण संरक्षण, ई कचरा न्यूनीकरण के साथ साथ कौशल विकास में विज्ञान की तकनीकी का सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास भी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्य आरती दीक्षित ने किया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है। इससे हमारे विद्यालय की छात्राएं उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम से जुड़ेंगी। साथ ही साथ अपने घरों के बल्बों के खराब होने पर उनको ठीक भी कर सकेंगी। उन्होंने संस्था को इस प्रकार के रोजगार परक कार्यक्रम करवाने के लिए धन्यवाद प्रेषित किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सर्वप्रथम प्रशिक्षण राम तीरथ मौर्या ने बल्ब बनाने में उपयोग होने वाले उपकरणों, अवयवों की जानकारी देते हुए बल्ब बनाने की सरलतम विधि की जानकारी दी साथ ही इसे छात्राओं को सिखाया। प्रशिक्षण में प्रतिभाग कर रही छात्राओं ने बल्ब बनाने में उपयोग होने वाले में सर्किट के अवयवों सहित के काम करने की जानकारी सीखी। हाउसिंग, होल्डर, सर्किट, एलईडी टिकली व डिफ्यूजर का संयोजन कर बल्ब के पूर्ण संयोजन की कार्यविधि को प्रशिक्षक से जानकर बल्ब बनाने का कार्य सभी शिक्षिकाओं सहित छात्राओं ने बहुत ही सफलता की साथ पूर्ण किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सर्वप्रथम प्राचार्या प्रोफेसर आरती दीक्षित ने स्वयं बल्ब बनाकर सभी छात्राओं को प्रोत्साहित किया। इसके बाद प्रतिभागियों ने बल्ब बनाकर तैयार किए। बल्ब तैयार करने के बाद जैसे ही विद्युत से संयोजित किया तो बल्ब की रोशनी चारों ओर फैली और सभी के चेहरों पर एक सफलता की मुस्कान देखने को मिली। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय की 50 छात्राओं सहित प्राचार्य डॉ आरती दीक्षित, डॉ सुहासिनी श्रीवास्तव, डॉ चेतना थापा, डॉ ऋतु डंगवाल, डॉ अर्चना सिंह, डॉ शोभा, डॉ विनीता चौधरी आदि ने प्रतिभाग कर कार्यशाला को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया।
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