Recent Posts

Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Recent Posts

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

October 16, 2026

संस्कार परिवार ने मनाई स्वामी विवेकानंद जयंती, आयोजित की योग प्रतियोगिता


संस्कार परिवार की ओर से देहरादून में बिंदाल पुलिस चौकी के निकट माल रोड स्थित आज दून योग पीठ स्वामी विवेकानंदजी की जयंती मनाई गई। इस दौरान युवाओं की योग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। साथ ही उत्तराखंड में विवेकानंद पर्यटन सर्किट बनाने पर सरकार का आभार व्यक्त किया गाय।
गौरतलब है कि स्वामी विवेकानंद जी ने 29 दिसंबर 1900 से 3 जनवरी 1901 तक उत्तराखंड के काठगोदाम, धारी, पहाड़ पानी, मोरनौला, धूनाघाट, अद्वैत आश्रम मायावती लोहाघाट तक यात्रा की थी। इस यात्रा के पहाड़ों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और उनके जीर्णोद्धार को लेकर आध्यात्मिक गुरु आचार्य बिपिन जोशी के नेतृत्व में हाल ही में कुमाऊं और गढ़वाल की यात्रा की थी। इस यात्रा को स्वामी विवेकानंद स्मृति यात्रा का नाम दिया गया। साथ ही यात्रा पड़ावों पर स्वामी विवेकानंदजी की जानकारी देने वाले बोर्ड भी लगाए थे।
उन्होंने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज से भेंट कर मांग की थी कि स्वामी विवेकानंदजी के यात्रा पड़ावों को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाए। ऐसे स्थानों पर उन्होंने पदयात्रा की जानकारी देने वाले बोर्ड लगाने के साथ औषधीय पौधों का रोपण भी किया था। साथ ही यात्रा मार्ग में मिलने वाले युवाओं और मातृ शक्ति, बच्चो बुजुर्गों स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को अपनाने, स्वरोजगार, रिवर्स पलायन के लिए जनजागरण का प्रयास किया था।


आज विवेकानंद जयंती पर योगपीठ में स्वामी विवेकानंद स्मृति यात्रा के संयोजक आध्यात्मिक गुरु आचार्य बिपिन जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आचार्य जोशी ने स्वामी विवेकानंद जी के मूल मंत्र उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक लगे रहो, को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने उत्तराखंड सरकार की ओर से स्वामी विवेकानंद पर्यटन सर्किट बनाए जाने पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा स्वामी विवेकानंद स्मृति यात्रा के बाद उनको भी इस सर्किट को बनाने में महत्वपूर्ण सेवा का सुअवसर हुआ।
उन्होंने इस सर्किट के जरिये स्थानीय लोगों से सहयोग से विकास, जगह जगह योग, ध्यान केंद्र का निर्माण, आयुर्वेद केंद्र बनाने, इस सर्किट को एक वैलनेस हब के रूप में विकसित करने की आवश्यकता जताई। कहा कि इससे स्थानीय संस्कृति, संस्कारों, उत्पादों के प्रचार प्रसार के साथ हजारों लोगों को स्वरोजगार मिलेगा। इस दौरान युवाओं की योग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अभिरुचि राणा, हर्षा वेदी, कमल सिंह कपकोटी, गणेश थापा, कनुप्रिया रावत का विशेष सहयोग रहा।

 

Bhanu Prakash

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।