गहरी खाई में लुढ़क रही थी रोडवेज की बस, हुआ चमत्कार और बची लोगों की जान, आई मामूली चोट
इस तरह के चमत्कार अक्सर देखने को उत्तराखंड के गढ़वाल में देखने को मिलते हैं। आज शनिवार को भी ऐसा ही चमत्कार शनिवार को चमोली जिले में देखने को मिला। रोडवेज की बस क्षतिग्रस्त पुश्ते की वजह से खाई की तरफ लुढ़कने लगी।
इस तरह के चमत्कार अक्सर देखने को उत्तराखंड के गढ़वाल में देखने को मिलते हैं। आज शनिवार को भी ऐसा ही चमत्कार शनिवार को चमोली जिले में देखने को मिला। रोडवेज की बस क्षतिग्रस्त पुश्ते की वजह से खाई की तरफ लुढ़कने लगी। उसमें चालक, परिचालक सहित सवारियों की जान हलक में अटक गई। नीचे गहरी खाई थी, तभी ऐसा चमत्कार हुआ और सभी की जान बच गई। हुआ यूं की करीब तीस मीटर लुढ़कने के बाद बस एक पेड़ की वजह से बीच में अटक गई। पेड़ भी मजबूत था, जो टेढ़ा तो हो गया, लेकिन बस उसे तोड़कर नीचे नहीं गिरी। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।बस में चालक व परिचालक सहित कुल सात लोग सवार थे। ये भी बस के बीच में रुकने की वजह हो सकती है। यदि बस भरी रहती तो भी बड़ा हादसा हो सकता था। हादसा ज शनिवार शाम करीब 5 बजे हुआ। देहरादून से नागचूलाखाल जाने वाली उत्तराखंड परिवहन निगम की बस गैरसैंण-नागचुला मोटर मार्ग पर कुणखेत गांव के पास पहुंची तो चालक इससे संतुलन खो बैठा। 30 मीटर खाई में गिरी गई। इस दौरान बस एक पेड़ पर जाकर अटक गई। गनीमत यह रही कि बस में चालक व परिचालक सहित सात यात्री सवार थे। हादसे में चालक, परिचालक और तीन यात्री को हल्की चोट आई हैं। मौके पर पहुंची पुलिस के मुताबिक, सभी घायल निजी वाहन से अपने गंतव्य तक रवाना हो गए।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा जिला मुख्यालय गोपेश्वर से करीब 125 किमी दूर हुआ। बस सड़क के क्षतिग्रस्त पुश्ते से गुजरते हुए अनियंत्रित होकर 30 मीटर खाई में गिर गई। इसमें नागचूलाखाल व रोहिडा जाने जा रहे पांच यात्रियों में से तीन को चोटें आयी हैं। वाहन चालक कालीचरण पुत्र बुद्दीराम निवासी सिमखोली पोखरी चमोली एवं सहचालक मनमोहन पुत्र वीरेंद्र निवासी कुणजुखाल सतपुली पौड़ी को भी हल्की चोटें आयी हैं।




