पार्टी छोड़ चुके कांग्रेस नेताओं की वापसी शुरू, मिटठीबेरी में प्रत्याशी गुनसोला की सभा

उत्तराखंड में कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं की जो झड़ी लगी थी, वो अब वापसी की राह की ओर मुड़ गई है। पार्टी छोड़ चुके नेता भाजपा में अपनी उपेक्षा, बोलने का अधिकार खत्म होने और दुर्गति से खिन्न हो कर पछतावा कर रहे हैं। साथ ही वापसी का रास्ता तलाश रहे हैं। यह दावा आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष व चुनाव कैम्पेन कमेटी के वरिष्ठ सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कुछ दिन पूर्व पार्टी से त्यागपत्र दे कर भाजपा में शामिल हुए जिला अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमीचंद सोनकर को पुनः कांग्रेस में शामिल करते हुए उन्होंने कहा कि अमीचंद सोनकर ने उनको आज सुबह फोन कर बताया कि वे अपनी गलती सुधारना चाहते हैं। क्योंकि भावावेश व बहकावे में आ कर उन्होंने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया था, लेकिन भाजपा में उनको घुटन महसूस हुई। इसलिए वे वापस अपने घर आना चाहते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
धस्माना ने कहा कि अगर सुबह का भुला शाम को घर आ जाए तो उसमें बुराई नहीं है। उन्होंने माला पहना कर अमीचंद व उनके साथियों को कांग्रेस में पुनः शामिल किया। धस्माना ने कहा कि कल ही उनकी कुछ अन्य वरिष्ठ लोगों से जो कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में चले गए मुलाकात हुई और उन्होंने भी वापसी की इच्छा व्यक्त की। उनका निष्काशन पार्टी कर चुकी है, इसलिए उनकी पुनः वापसी का निर्णय प्रदेश प्रभारी व प्रदेश अध्यक्ष स्तर पर लिया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
धस्माना ने कहा कि बहुत से ऐसे नेता जो कांग्रेस में मंचों में पहली पंक्ति में बैठते थे व अब उनको भाजपा में मंच में पीछे खड़े होने के लिए भी अनुमति नहीं मिल रही है। ऐसे लोग कांग्रेस में वापसी करना चाहते हैं, लेकिन मौकापरस्त लोगों की पार्टी में वापसी अब गुण दोष के आधार पर होगी। प्रेस वार्ता में पार्टी के सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्ष विकास नेगी, पार्टी की प्रदेश सचिव सुनीता प्रकाश, प्रवक्ता मोहन काला व सुलेमान उपस्थित रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

लोकसभा चुनाव 2024 के चलते टिहरी लोकसभा के अन्तर्गत आज वार्ड 93 मिटठी बेरी में कांग्रेस नेत्री गोदावरी थापली के नेतृत्व में जनसभा आयोजित की गई। इस मौके पर इंडिया गठबंधन के सदस्य और सीपीएम नेता शिवप्रसाद देवली एवं राजेन्द्र नेगी ने संयुक्त रूप से बैठक की अध्यक्षता की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम में कांग्रेस से टिहरी लोकसभा प्रत्याशी जोत सिंह गुनसोला ने कहा कि पीएम मोदी मां गंगा की धरती ऋषिकेश आए, लेकिन अंकिता भंडारी हत्याकांड पर एक शब्द भी नहीं बोले। उन्होनें कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड पर बीजेपी की बोलती बंद है। कारण ये है कि जिस वीआईपी के कारण हत्या हुई, वह इस पार्टी से ही संबंधित है। साथ ही हत्या के आरोप में पकड़े गए लोग भी इसी पार्टी से हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम में देहरादून कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविन्दर सिंह गोगी ने कहा कि पीएम मोदी ने ऋषिकेश की असफल जनसभा में सिर्फ कांग्रेस पर अनर्गल आरोप लगाए हैं, जो लोग कांग्रेस को वोट देना चाहते हैं, उनको भी प्रधानमंत्री ने इस बात के लिए कोसा कि वह लोग भगवान में विश्वास नहीं करते हैं। प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए धारी देवी का भी जिक्र किया, जबकि सत्यता यह है कि धारी देवी हमारी आराध्य देवी हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री को हमारी आस्था से खिलवाड़ करने का कोई अधिकार नहीं है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होनें कहा कि हमारी आस्था भगवान नरसिंह और भगवान भैरव समेत तमाम देवी देवताओं में है, जिनके नाम उन्हें खुद नहीं पता होंगे। इसके ठीक उलट प्रधानमंत्री अंकिता और अग्निवीर योजना योजना पर जवाब न देकर इधर-उधर की बातें कर रहे हैं। गोदावरी थापली ने कहा कि गतिमान लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जो जुमले चुनाव के दौरान जनता के बीच में छोडे थे, वह आज भी धरातल पर नही उतर पाये हैं। भाजपा ने जो सपने प्रदेश की जनता को दिखाए थे, वह सपना ही बनकर रह गया है। हम सभी कांग्रेस के कार्यकर्ता भाजपा के दुष्प्रचार का जवाब देने को तैयार हैं। प्रदेश की जनता ने मन बना लिया है कि जिस दिन मतदान होगा वह देश से भाजपा की सरकार उखाड फेंकने का काम करेंगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम में पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य निधि एवं प्रदीप सिटू, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, दीप बोहरा, सुशान्त बोहरा, प्रदीप कुमार, जयप्रकाश राठौर, सुखविन्दर कौर, जगमोहन गुसाई, छोटेलाल, रजनी देवी, संगीता, सर्वेश कुमारी, कमलेश, रानी देवी, दलीप सिंह नेगी, बाबू भाई सहित आदि उपस्थित रहें।
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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।