ग्रीन एनर्जी पर रिलायंस का ₹1 लाख करोड़ का दांव, आंध्र में लगेंगे बायोगैस प्लांट्स
रिलायंस इंडस्ट्रीज आंध्र प्रदेश में ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में ₹1 लाख करोड़ का निवेश करेगी। इसके तहत राज्य में कंप्रेस्ड बायोगैस यानी CBG प्लांट्स लगाए जाएंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि इस निवेश से 3 लाख से ज्यादा रोजगार पैदा होने और आने वाले दशकों में राज्य को करीब ₹60,000 करोड़ का राजस्व मिलने की उम्मीद है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अनंत अंबानी ने इस निवेश को किसानों और देश की ऊर्जा जरूरतों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जो किसान आज भारत की खाद्य सुरक्षा मजबूत कर रहे हैं, वे आगे देश की ऊर्जा सुरक्षा में भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने इसे किसानों के “अन्नदाता से ऊर्जादाता” बनने की दिशा बताया। वे मदनपल्ले में रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के शिलान्यास कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, नारा लोकेश समेत अन्य मंत्री और जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अनंत ने कहा कि खेती में AI, ड्रोन, रोबोटिक्स और दूसरी नई तकनीकों के इस्तेमाल से किसानों को फायदा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि Jio, इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के ट्रेनिंग मॉड्यूल को भारतीय भाषाओं में वर्चुअल क्लासरूम के जरिए लाखों किसानों तक पहुंचाने में सहयोग करेगा। जियो कृषि प्लेटफॉर्म की तकनीक को भी किसानों के काम लाने की बात उन्होंने कही। अनंत ने कहा, “भारत ने दुनिया को बहुत CEO दिए हैं, अब किसान को अपने खेत का CEO बनाना है।” उन्होंने खेती को ऐसी पेशेवर और सम्मानजनक आजीविका बनाने पर जोर दिया, जिसे युवा गर्व से चुनें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
भाषण के आखिर में अनंत अंबानी ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से तेलुगू में कहा, “नन्नु आंध्र बिड्डगा भाविंचंडी”, यानी “मुझे आंध्र का बेटा समझिए।” उन्होंने कहा कि रिलायंस राज्य सरकार और किसानों के साथ मिलकर इस साझेदारी को आगे बढ़ाएगी। इस कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का संबोधन नहीं हो पाया। जब मंच से संबोधित करने के लिए उन्होंने माइक संभाला तो श्रोताओं में युवाओं ने नौकरी कब दोगे चिल्लाते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। ऐसे में जब युवा शांत नहीं हुए तो वह हाथ जोड़कर अपनी कुर्सी पर बैठ गईं।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



