रेलवे की टावर बैगन हुई खराब, धक्का मारकर पहुंचाया दूसरे ट्रैक तक, बात हो रही है हवा में टैक्सी उड़ाने की
है ना हैरानी करने वाली बात कि ट्रेन को भी धक्का लगाना पड़ा। धक्का लगाने में कई मजदूर शामिल हुए और तब जाकर ट्रेन को धकेलकर दूसरे ट्रेक तक पहुंचाया गया। घटना मध्य प्रदेश के हरदा रेलवे स्टेशन की है। एक टावर वैगन में तकनीकी खराबी आ गई। ऐसे में उसे धक्का मारने की नौबत आई। टावर बैगन एक स्व-चालित इकाई है। जो बिजली के इंजनों को बिजली देने वाले ओवर-हेड केबलों का निरीक्षण करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। इस टावर बैगन को धक्का लगाने के काम में लगभग तीन दर्जन लोगों को शामिल करना पड़ा। मजदूर कड़ी मशक्कत के बाद वैगन को मेन लाइन से दूसरे ट्रैक तक ले गए। गौर करने वाली बात यह है कि वैगन को धक्का लगाते वक्त मजदूरों ने पैर में कुछ नहीं पहन रखा था। नंगे पैर कई मजदूर नुकीली बजरी पर वैगन को धक्का लगाने नजर आए।
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि पूरे ऑपरेशन में एक घंटे का समय लगा और इसके चलते कुछ ट्रेनों के संचालन में देरी भी हुई। मध्य प्रदेश में यह घटना तब सामने आई है जब रेल मंत्री खुद ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से राज्य के रायगडा जिले के लिए रात भर की ट्रेन में यात्रियों से फीडबैक लेते दिखे। इस हफ्ते की शुरुआत में नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने घोषणा की कि भारत में जल्द ही ‘एयर टैक्सी’ सेवाएं होंगी जो राइड-हेलिंग ऐप उबर की पसंद को टक्कर देंगी।
सिंधिया ने कहा था कि वैश्विक स्तर पर एयर टैक्सियों पर शोध किया जा रहा है। कई स्टार्टअप आ रहे हैं। वह समय दूर नहीं है जब आप सड़कों पर टैक्सी जैसे उबर, आदि देखते हैं, आप नई ड्रोन नीति के तहत हवा में टैक्सियों को देखेंगे। मेरा मानना है कि यह बहुत संभव है। जहां हवा में टैक्सी की बात हो रही है, वहीं ट्रेन में धक्का मारने की बात ये साफ होता है कि अभी परिवहन व्यवस्था बेहतर करने के लिए बहुत कुछ करना बाकी है।

Bhanu Prakash
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भानु बंगवाल
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।







