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July 19, 2026

चुनाव नतीजें जो भी निकलें, लेकिन सबसे ज्यादा पसीना बहाया प्रियंका गांधी ने, योगी रहे दूसरे नंबर पर

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के सात चरणों के चुनाव के नतीजे चाहे हो भी हों, लेकिन इस बार सबसे ज्यादा पसीना कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बहाया।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के सात चरणों के चुनाव के नतीजे चाहे हो भी हों, लेकिन इस बार सबसे ज्यादा पसीना कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बहाया। प्रचार अभियान में चुनावी सभाओं की संख्या पर नजर डालें तो सभी शीर्ष नेताओं में से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सबसे आगे हैं। उन्होंने प्रदेश में सबसे ज्यादा सभाओं को संबोधित किया। यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ चुनावी सभाओं के मामले में प्रियंका के बाद दूसरे नंबर पर रहे।
उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए 10 फरवरी से सात मार्च तक सात चरणों में मतदान हुआ और मतगणना अब दस मार्च को होगी। विभिन्न दलों से एकत्रित जानकारी के अनुसार, प्रियंका गांधी ने उप्र के सत्‍ता संग्राम में कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत के लिए 209 रैलियां और रोड शो किए। अभियान के स्कोर बोर्ड के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने पार्टी को लगातार दूसरी बार सत्ता में वापस लाने के लिए राज्य भर का दौरा कर 203 रैलियां और रोड शो किए।
उप्र में सरकार बनाने की दौड़ में प्रमुख दावेदार राज्य की मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा गठबंधन के उम्मीदवारों के लिए 131 रैलियां और रोड शो किये।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी बड़ी संख्या में रैलियों को संबोधित किया और रोड शो किए। पीएम मोदी ने राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में सात चरणों के मतदान के दौरान 28 रैलियों और रोड शो को संबोधित किया। यूपी में 2017 में भाजपा की प्रचंड बहुमत की जीत के प्रमुख रणनीतिकार अमित शाह ने राज्य भर में भाजपा और एनडीए के सहयोगियों के पक्ष में 54 रैलियों और रोड शो में भाग लिया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जो लखनऊ संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य भी हैं, ने महीने भर के चुनाव प्रचार के दौरान 43 रैलियों और रोड शो को संबोधित किया।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उप्र में 41 चुनावी रैलियां और रोड शो किए। बसपा प्रमुख और उप्र की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, जिनकी चुनावों से पहले जमीन पर अनुपस्थिति ने उनकी पार्टी के सत्ता की दौड़ से बाहर होने की अटकलों को जन्म दिया, ने अपनी पार्टी की उम्मीदों को बनाए रखने के लिए राज्य में 18 रैलियों और रोड शो को संबोधित किया।
इसके विपरीत एग्जिट पोल के दावे प्रियंका गांधी वाड्रा के प्रयासों से मेल नहीं खाते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने रायबरेली निर्वाचन क्षेत्र में एक आभासी रैली को छोड़कर, राज्य में कहीं भी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए कोई सभा नहीं की। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अतिथि के रूप में दो रैलियों को संबोधित किया जिसमें एक अमेठी और दूसरी वाराणसी में थी। मतदान खत्म होने के साथ ही अब सभी की निगाहें 10 मार्च को उप्र के साथ-साथ पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के नतीजों पर टिकी हैं।