प्रशांत किशोर ने की गांधी परिवार से मुलाकात, लोस और पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति
चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ मुलाकात की।
अगले साल पंजाब सहित पांच राज्यों में चुनाव के साथ ही वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने भी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ मुलाकात की। इसे आगामी चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।जानकारी के अनुसार, पंजाब कांग्रेस के दो प्रमुख नेताओं, सीएम अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच चल रही कलह को लेकर यह चर्चा हुई है। पंजाब में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं और पार्टी को चिंता सता रही है कि इस अंदरूनी उठापटक के कारण चुनावों में उसकी संभावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। यूं तो कांग्रेस में ऐसी उठापटक अन्य राज्यों में भी देखने को मिलती हैं, लेकिन पंजाब में तो लगातार बढ़ती जा रही है। अब पिछले कुछ दिनों से पार्टी आलाकमान ने इसे लेकर कसरत शुरू कर दी है।
पिछले कुछ सप्ताहों में सिलसिलेवार राजनीतिक मुलाकातें करने वाले प्रशांत किशोर बैठक के लिए राहुल गांधी के घर पहुंचे। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी वीडियो लिंक के जरिए बातचीत में शामिल हुईं। सूत्रों ने कहा कि गांधी परिवार के साथ प्रशांत किशोर की मुलाकात जरूरी नहीं कि किसी राज्य विशेष के लिए हो, बल्कि किसी बड़ी रणनीति का हिस्सा हो सकती है। इसे नए मोर्चे के रूप में भी देखा जा रहा है। क्योंकि अभी तक इस मोर्चे से कांग्रेस अलग है।
प्रशांत किशोर ने इससे पहले 2024 में भाजपा से मुकाबला करने के लिए एक नए मोर्चे की अटकलों के बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की थी। दोनों ने कहा है कि कांग्रेस के बिना भाजपा के खिलाफ कोई गठबंधन नहीं हो सकता है। हालांकि इससे पहले यह माना जा रहा था कि राहुल-प्रशांत किशोर की यह बैठक पंजाब में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले पंजाब कांग्रेस के दो प्रमुख नेताओं-सीएम अमरिंदर सिंह और कांग्रेस में ही रहते हुए उनके प्रबल आलोचक नवजोत सिंह सिद्धू के बीच शांति कायम करने के प्रयासों की पृष्ठभूमि में हुई।
वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव के ठीक पहले प्रशांत किशोर ने नवजोत सिद्धू को बीजेपी से कांग्रेस में लाने में अहम भूमिका निभाई थी। राहुल गांधी और प्रशांत किशोर ने पिछली बार वर्ष 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान साथ ‘काम’ किया था। हालांकि इन चुनावों में कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की थी जो चार घंटे तक चली थी। नवजोत ने प्रियंका के साथ इस बैठक का फोटो ट्वीट भी किया था।
प्रियंका ने ही बाद में नवजोत की अपने भाई राहुल से मुलाकात कराई थी, जबकि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने रिपोर्टरों से बातचीत में कहा था कि उनका सिद्धू के साथ मुलाकात का कोई कार्यक्रम नहीं है। इसके कुछ दिन बाद पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने भी कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी से दिल्ली में मुलाकात की थी। बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए अमरिंदर ने कहा था कि- मैं सिद्धू साब के बारे में कुछ नहीं जानता। जो भी फैसला कांग्रेस अध्यक्ष लेंगी, हम उसका पालन करेंगे।
जानकारी के अनुसार अमरिंद सिंह उस विचार के खिलाफ हैं, जिसमें सिद्धू को पंजाब सरकार या पार्टी संगठन में ‘सम्मानजनक स्थान’ देने की बात है। आखिरी बैठक के बाद कांग्रेस सूत्रों के बीच उस फार्मूले पर बात हुई थी, जिसमें अमरिंदर सिंह के सीएम बने रहे और सिद्धू को ‘एडजस्ट’ करने के लिए पंजाब कांग्रेस संगठन को नया रूप दिया जाए। प्रशांत किशोर ने पिछले सप्ताह अमरिंदर सिंह से मुलाकात की थी। कई अहम सियासी चुनावों के लिए रणनीति बना चुके प्रशांत किशोर ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में अमरिंदर के साथ काम किया था।



