राष्ट्रीय आइस स्केटिंग प्रतियोगिता में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने फिर से मारी बाजी, राज्य की झोली में डाले नौ पदक
20 वीं राष्ट्रीय आइस स्केटिंग प्रतियोगिता में उत्तराखंड के 23 मेधावी खिलाड़ियों ने देश के लगभग 19 राज्यों से आए 500 खिलाड़ियों के बीच अपना लोहा मनवाया। साथ ही राज्य के लिए नौ पदक हासिल किए। प्रतियोगिता उत्तराखंड के देहरादून स्थित देश के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर के आइस रिंग हिमाद्रि आइस स्केटिंग रिंक में भारतीय आइस स्केटिंग एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित की गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष एवं प्रतियोगिता की ऑर्गेनाइजिंग कमेटी के सदस्य शिव प्रसाद पैन्यूली ने बताया कि देवभूमि में पहली बार आयोजित राष्ट्रीय आइस स्केटिंग खेल आइस स्केटिंग अंतरराष्ट्रीय आइस स्केटिंग यूनियन से संबंधित है। साथ ही शीतकालीन ओलंपिक खेल का हिस्सा भी है। देश में आइस स्केटिंग के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश में इस खेल के मैदान न के बराबर हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
हालांकि 1970 के दशक में देश के सबसे पहले इनडोर आइस रिंग “जैक्सन आइस रिंग” मसूरी में आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के वर्तमान सदस्यों में उन्होंने, तकनीकी सचिव रूपा सिंह और आयोजन समिति सचिव सिंगारा सिंह आदि ने प्रारंभिक स्केटिंग का ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि यहाँ शिमला आइस रिंग का जिक्र करना भी जरूरी है, जहाँ ओपन रिंग में कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताएँ हुईं। तत्पश्चात खिलाड़ियों ने गुरुराम स्थित आइस स्केटस में भी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर मेडल हासिल किए। वर्तमान में खेलो इंडिया शीतकालीन खेल आइस स्केटिंग की लद्दाख में आयोजित प्रतियोगिताओं ने भी खासी पहचान बना ली है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने बताया कि 20वीं राष्ट्रीय आइस स्केटिंग प्रतियोगिता में उत्तराखंड के 23 खिलाड़ियों ने भाग लिया और नौ मेडल हासिल कर एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि यदि इन खिलाड़ियों को सरकार की ओर से लगातार आइस स्केटिंग रिंग उपलब्ध कराया जाता रहेगा, तो निश्चय ही वे आगामी प्रतियोगिताओं में देश में अग्रिम स्थान प्राप्त कर राज्य को गौरवान्वित करेंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
प्रतियोगिता में फिगर स्केटिंग और शॉर्ट ट्रैक की विभिन्न आयु वर्ग और बालक-बालिका वर्ग की स्पर्धाओं में मेडल हासिल करने वाले खिलाड़ियों में क्रमशः आदर्श सिंह रावत ने इंटरमीडिएट नोविस में स्वर्ण, अमिताभ सिंह ने स्टारलेट कैटेगरी में स्वर्ण, आयुष जगूड़ी ने प्री-जुवेनाइल में रजत, मौलिक अग्रवाल ने स्टारलेट में रजत, यशस्वी सिंह ने जूनियर पुरुष में रजत, अस्तित्व डोभाल ने 500मीटर की शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग में रजत, मानवी ढोंडियाल ने स्टारलेट में कांस्य और तनिष्का सिंह ने सीनियर महिला वर्ग में कांस्य पदक जीतकर आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड और राज्य का नाम रोशन किया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में फिगर स्केटिंग की स्पर्धाओं को निर्णय देने के लिए आईएसयू मान्यता प्राप्त निर्णायक मंडल के साथ उत्तराखंड और देश की एकमात्र निर्णायक निष्ठा पैन्यूली भी खिलाड़ियों के तकनीकी स्तर की जाँच के लिए निर्णायक मंडल में शामिल रही। यह राज्य के लिए गर्व की बात है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
हिमाद्री आइस रिंग में 2025 की राष्ट्रीय आइस स्केटिंग प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए उन्होंने आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अमिताभ शर्मा की देश में आइस स्केटिंग खेलो को विश्वस्तरीय बनाने की योजना की प्रशंसा कर कहा कि निश्चय ही उनकी संरक्षता में देश के खिलाड़ी आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में तिरंगा फैलाने में कामयाब रहेंगे। इस मौके पर 2025 प्रतियोगिता के टीम कोच सुखबीर सिंह रावत, सौरव सोनकर, मैनेजर, नरेंद्र नेगी, यशवंत सिंह, एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष ज्योति गरोला और तमाम अभिभावक मौजूद रहे।
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