Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 21, 2026

मलिन बस्तियों के लोगों को मालिकाना हक, बढ़ती नशाखोरी के खिलाफ सीपीएम ने डीएम को दिया ज्ञापन

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मलिन बस्तियों को एलिवेटेड रोड के नाम पर उजाड़ने के खिलाफ, बस्तियों के लोगों को मालिकाना हक देने की मांग, एनजीटी के फैसले के खिलाफ और बढ़ती नशाखोरी के खिलाफ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और सीटू ने संयुक्त रूप से जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ज्ञापन में कहा गया कि राज्य सरकार की ओर से देहरादून में रिस्पना और बिन्दाल नदी के ऊपर 10 हजार करोड़ की एलिवेटेड रोड़ प्रस्तावित की गई है। इसके दोनों ओर बर्षों पुरानी बस्तियों को हटाने का प्रस्ताव है। ऐसे में हजारों परिवारों का बेघर होना तय है। कहा गया कि ऐसी किसी भी योजना में विस्थापन के मापदंड जैसे पुर्नवास तथा मुआवजा का प्रावधान होता है, किन्तु इस योजना में प्रभावित लोगों के लिए सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों को नजरअंदाज किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वर्तमान सरकार की ओर से बार-बार बस्तियों की सुरक्षा तथा वहां रह रहे निवासियों को मालिकाना देने का फैसला सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया गया है। इसे अविलम्ब लागू किया जाना चाहिए। साथ ही चन्द्रशेखर, आजादनगर, भट्टा, द्रोणपुरी वार्ड की बस्तियों को उजड़ने से रोका जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

साथ ही कहा गया कि बढ़ती नशाखोरी के चपेट में आ रहे युवाओं को बचाने के लिए जिला प्रशासन को समुचित कदम उठाना चाहिए। स्थानीय पुलिस के भरोसे इस गम्भीर सामाजिक समस्या को नहीं छोड़ा जाना चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ज्ञापन के बिंदु
-एलिवेटेड रोड से विस्थापन का पुर्नवास एवं मुआवजा प्रावधान के सन्दर्भ में।
-सरकार के वायदे के अनुरूप बस्तियोंवासियों को मालिकाना हक देने के सन्दर्भ में।
-चन्द्रशेखर आजाद नगर कालोनीवासियों को मालिकाना हक देने के सन्दर्भ में।
-बस्तियों में नशाखोरी के अवैध व्यापार रोकने के सन्दर्भ में।
ये रहे शामिल
ज्ञापन देने वालों में अनन्त आकाश, लेखराज, इन्दु नौडियाल, किरण यादव, सोनू कुमार, भगवन्त पयाल, रविन्द्र नौडियाल, नुरैशा अंसारी, अनुराधा आदि शामिल थे।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो।