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June 30, 2026

सीएम धामी के आश्वासन पर राज्य आंदोलनकारियों का सीएम आवास पर घेरा डालो डेरा डालो कार्यक्रम स्थगित

उत्तराखंड राज्य के आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 फीसद क्षैतिज आरक्षण की मांग सहित अन्य कई मांगों को लेकर राज्य आंदोलनकारियों ने 24 दिसंबर को सीएम आवास पर घेरा डालो, डेरा डालो कार्यक्रम का आह्वान किया था। सीएम से वार्ता के दौरान आश्वासन मिलने पर फिलहाल आंदोलन को स्थगित कर दिया गया। आंदोलनकारी सम्मान परिषद की पूर्व अध्यक्ष सुशीला बलूनी की पहल पर राज्य आंदोलनकारियों के एक की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता हुई थी। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आश्वासन दिया कि आंदोलनकारियों की मांग जल्दी पूरी कई जाएगी। राज्य आंदोलनकारी क्षैतिज आरक्षण, भू कानून, राज्य आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण आदि की मांग कर रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

चिह्नित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक और उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि आंदोलनकारियों के नेता जगमोहन सिंह नेगी, प्रदीप कुकरेती, अंबुज शर्मा आदि श्रीमती सुशीला बलूनी के साथ आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिले। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि वह जल्द आंदोलनकारी मांगों को पूरा करेंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

धीरेंद्र प्रताप ने इसे आंदोलनकारियों की विजय बताया। साथ ही सुशीला बलूनी के प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा यह आंदोलनकारियों के संगठित प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने आंदोलनकारियों से अपनी एकता बनाए रखने की अपील की। साथ ही विश्वास व्यक्त किया कि राज्य आंदोलनकारियों के भू कानून, लोकायुक्त जैसे नैतिक सवालों पर और राज्य के विकास के सवालों पर सरकार गंभीर विचार करेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि सरकार बेरोजगारी, कृषि को जंगली जानवरों से पहुंचाए जा रहे नुकसान, स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण विकास को लेकर नए वर्ष में नई पहल होगी। उन्होंने कहा राज्य आंदोलनकारियों ने भारी कुर्बानी देकर राज्य बनाया है। वह उत्तराखंड को एक आदर्श राज्य देखना चाहते हैं। उन्होंने उम्मीद की कि मुख्यमंत्री अपने आश्वासन पर खरा उतरेंगे नहीं तो वर्ष 2023 में राज्य आंदोलनकारी फिर सड़कों पर यदि उतरने पर मजबूर हुए तो उसकी सरकार पर जिम्मेदारी होगी।