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October 17, 2026

यूपी में कोरोना का खौफनाक मंजर, शव जलाने को श्मशान घाट में नहीं मिल रही जगह, वाराणसी के बुरे हाल

उत्तर प्रदेश में कोरोना का खौफनाक मंजर देखने को मिल रहा है। लोग तेजी से संक्रमित हो रहे हैं। साथ ही श्मशान घाटों में भी अब भीड़ लगने लगी है।


उत्तर प्रदेश में कोरोना का खौफनाक मंजर देखने को मिल रहा है। लोग तेजी से संक्रमित हो रहे हैं। साथ ही श्मशान घाटों में भी अब भीड़ लगने लगी है। ऐसे में कई घाट पर लोग अपने नंबर का इंतजार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी की स्थिति भी ठीक नहीं है। घर घर में लोग कोरोना से जूझते नजर आ रहे हैं। एक ही घर में दो-दो, तीन-तीन लोगों की मौत के मामले सामने आ रहे हैं।
वाराणसी के हरिश्चंद्र घाट का मंजर इस विभीषिका को बताता है घाट पर सुबह से शवों की लंबी कतार लगी हुई है। दर्जनों चिताएं एक साथ जलाई जा रही हैं, तो दर्जनों लाशें अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं। बता दें, गुरुवार को उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान 22439 नए लोगों में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई। यह अब तक एक दिन में सामने आए सर्वाधिक मामले हैं। वहीं, इस घातक वायरस से 104 मरीजों की मौत हो गई।
पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे ज्यादा 26 मरीजों की मौत राजधानी लखनऊ में हुई है। इसके अलावा, कानपुर नगर में 10 तथा प्रयागराज और वाराणसी में छह-छह मरीजों की मौत हुई है। वहीं, श्मशानघाट में अंतिम संस्कार के लिए लाए जा रहे शवों को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि सरकार के आंकड़ों और हकीकत में जमीन आसमान का अंतर है।
वाराणसी के हरिश्चंद्र घाट पर शव जलाने के 2 तरीके हैं। एक तो बिजली से और दूसरा लकड़ी से। इन दोनों स्थानों पर लाशों की लंबी लाइन लगी हुई है। एक शव जलाने के लिए कम से कम 7 से 8 घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। स्थिति इस कदर भयावह होती जा रही है कि कोरोना की डेड बॉडी को उनके परिजन जलाने का ठेका देकर घर चले जा रहे हैं। श्मशान घाट पर लाश जलाने के लिए लकड़िया भी कम पड़ने लगी है। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट का भी यही हाल है। वहां भी शवों की लंबी कतार लगी है। लोग अपनी बारी के इंतजार में बैठे हैं। यह हाल तब है जब कोविड पेशेंट हरिश्चंद्र घाट पर जा रहे हैं। बावजूद इसके बहुत लोग इधर भी आ जा रहे हैं।

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।