भारत में अभी कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज की आवश्यकता नहींः एम्स प्रमुख
दुनिया के कई देश कोरोना की दो डोज देने के बाद अब तीसरी और बूस्टर डोज देने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, भारत में अभी इसकी फिलहाल जरूरत महसूस नहीं की जा रही है। अखिल अखिल भारतीय संस्थान चिकित्सा विज्ञान (AIIMS) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने आज कहा कि भारत के पास तीसरे कोविड-19 वैक्सीन शॉट को लेकर इस समय पर्याप्त डेटा नहीं है। उन्होंने कहा कि कोरोनवायरस के खिलाफ सुरक्षा बढ़ाने के लिए और अधिक जानकारी अगले साल की शुरुआत तक उपलब्ध होने की संभावना है।
यहां तक कि अमेरिका, ब्रिटेन और इज़राइल सहित कई देश कोरोनोवायरस से लड़ने के लिए बूस्टर शॉट्स देने की योजना बना रहे हैं। कई अध्ययनों में सामने आया है कि कोविड टीकों की तीसरी खुराक से सुरक्षात्मक एंटीबॉडी में बढ़ोतरी होगी। वहीं, डॉ. गुलेरिया ने कहा कि मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक भारत में अभी कोविड वैक्सीन के बूस्टर की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि हमारे पास अभी यह कहने के लिए पर्याप्त डेटा है कि बूस्टर शॉट की आवश्यकता है। यहां तक कि बुजुर्गों और उच्च जोखिम वाले समूहों के लिए भी हमारे पास पर्याप्त डेटा नहीं है। वास्तव में हमें डेटा की आवश्यकता है जिससे आगे की रूप-रेखा तैया हो सकेगी। उन्होंने कहा कि अभी और शोध की जरूरत है और इसमें कुछ और महीने लगेंगे। एम्स प्रमुख ने कहा कि जानकारी अभी सामने आ रही हैं। इसमें कुछ और महीने लगेंगे। संभवत: अगले साल की शुरुआत तक हमारे पास बूस्टर शॉट्स के प्रकार क्या होंगे और किसे इसकी जरूरत है, इस पर डेटा उपलब्ध होगा। एम्स के निदेशक ने दावा किया कि ब्रिटेन में कोरोना मामलों में भारी वृद्धि हुई थी, लेकिन ज्यादातर संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी और उन्हें कोई बूस्टर शॉट नहीं दिया गया था।
डॉ गुलेरिया ने कहा कि वैश्विक स्तर पर हम देख रहे हैं कि जिन लोगों को टीका लगाया गया है, उन्हें गंभीर बीमारी से सुरक्षा मिलती है और वे अस्पतालों में भर्ती होने वाले लोगों में भारी वृद्धि नहीं देख रहे हैं। ऐसा भारत में भी है। उनकी टिप्पणी इस सप्ताह अमेरिका की ओर से घोषित किए जाने के बाद आई है कि सभी अमेरिकी वयस्क अपने अंतिम टीकाकरण के आठ महीने बाद बूस्टर शॉट प्राप्त करने में सक्षम होंगे। तीसरा शॉट अमेरिका में 20 सितंबर से उपलब्ध होगा। यूके सरकार भी लाखों ब्रिटेनवासियों जिन्हों कोविद की दोनों डोज लग चुकी है, उन्हें सितंबर से बूस्टर जैब देने की तैयारी कर रही है।



