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August 3, 2026

नासा को मंगल ग्रह में मिले जीवन के संकेत, रोवर ने तलाशा कार्बनिक यौगिक, देखें वीडियो और तस्वीरें

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा सहित दुनिया भर के वैज्ञानिक मंगल ग्रह में जीवन की संभावनाओं को लेकर खोज कर रहे हैं। इसके साथ ही ब्रह्मांड के अन्य रहस्यों की गुत्थी भी सुलझाने के प्रयास निरंतर हो रहे हैं। इस बीच खबर से है कि नासा (NASA) के पर्सिवरेंस रोवर ने मंगल ग्रह के जेजेरो क्रेटर में कार्बनिक पदार्थों की खोज की है। कार्बनिक पदार्थ पृथ्वी पर जीवन के प्रमुख तत्व हैं, जो मुख्य रूप से कार्बन और हाइड्रोजन से बने होते हैं। साथ ही कार्बनिक पदार्थों में ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, फास्फोरस और सल्फर जैसे अन्य तत्व भी जुड़े होते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

जीवन की संभावनाओं की खोज में मिलेगी गति
मंगल की सतह पर कार्बनिक पदार्थ की उपस्थिति और वितरण मार्टियन कार्बन चक्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर सकता हैं। इस खोज से ग्रह के पूरे इतिहास और ग्रह पर जीवन की संभावनाओं के बारे में पता चल सकता है। मंगल ग्रह के मार्शियन क्रेटर में कार्बनिक यौगिकों के साक्ष्य को खोजा जाना लाल ग्रह पर किसी वक्त जीवन मौजूद होने के संकेत हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

लाल ग्रह पर कार्बनिक पदार्थ की उत्पत्ति
पृथ्वी पर पाए जाने वाले मार्टियन उल्कापिंडों की तरह ही लाल ग्रह पर मौजूद गैल क्रेटर में अलग-अलग प्रकार के कार्बनिक तत्व पाए गए हैं। हालांकि, शोधकर्ता इस बारे में स्पष्ट नहीं हैं कि इन कार्बनिक सामग्रियों की उत्पत्ति जैविक है या फिर ये ग्रह पर जीवन का परिणाम हैं। उन्होंने लाल ग्रह पर कार्बनिक पदार्थ की उत्पत्ति के लिए कई संभावनाएं जताई हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कहीं किसी उल्कापिंड के अवशेष तो नहीं
वैज्ञानिकों का मानना है कि कार्बनिक तत्वों को निर्माण अणु, पानी और धूल के बीच आपसी क्रियाओं से हो सकता है। यह भी संभव है कि ये किसी उल्कापिंड के साथ लाल ग्रह पर पहुंचे हों। नासा के सबंधित विभाग का मानना है कि संभावित कार्बनिक अणु जलीय प्रक्रियाओं से जुड़े खनिजों के भीतर पाए जाते हैं। नवीन शोध से लाल ग्रह पर जीवन की संभावना और प्रबल हुई है। नतीजे बताते हैं कि मंगल पर पहले की तुलना में अधिक जटिल कार्बनिक भू-रासायनिक चक्र है। इसका अर्थ है कि यहां संभावित कार्बनिक अणुओं के कई भंडार मौजूद हैं। रोवर का डाटा आधारित यह शोध नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

नासा के रोवर पर्सिवरेंस की खोज जारी
नासा की जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी का कहना है कि मंगल ग्रह पर जैविक पदार्थ की मौजूदगी के लिए कई परिकल्पनाएं हैं, जिनकी वैज्ञानिक पड़ताल की जा रही है। मंगल पर काम रहे नासा के रोवर पर्सिवरेंस ने विशाल जेजेरो क्रेटर में विभिन्न प्रकार के कार्बनिक यौगिकों के साक्ष्य का पता लगाया है। रोवर फरवरी 2021 में मंगल पर उतरने के बाद से खोज रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

रोवर के 10 नमूनों को बनाया आधार
रोवर ने मंगल ग्रह पर 10 नमूनों के आधार पर जैविक अणुओं के संकेतों का पता लगाया गया था, जो शेरलोक ने जेजेरो क्रेटर फ्लोर में देखे थे। पर्सीवरेंस रोवर पर लगे ऑर्गेनिक्स एंड केमिकल्स (शेरलोक) उपकरण में रमन और ल्यूमिनसेंस के साथ स्कैनिंग हैबिटेबल एनवायरनमेंट्स यंत्र लगा हुआ हैं, जो मंगल पर कार्बनिक अणुओं और खनिजों के मानचित्रण और विश्लेषण में सक्षम है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

कार्बन चक्र और उसका पूरा इतिहास पता लगाया गया
फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के भूवैज्ञानिक विभाग में सहायक प्रोफेसर एमी विलियम्स के मुताबिक, मंगल पर कई कार्बनिक कार्बन प्रजातियों की संभावित खोज से इस ग्रह पर कार्बन चक्र और उसके पूरे इतिहास से पता चलता है कि यहां जीवन की प्रबल संभावना के संकेत हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

क्या कार्बनिक तत्व मूलरूप से होते हैं जैविक तत्व
हालांकि कार्बनिक तत्व मूलरूप से जैविक तत्व नहीं होते हैं। जीवन की संभावना या बायोसिग्नेचर का मूल्यांकन करते समय खनिजों और ऑर्गेनिक्स के बीच संबंधों का निरीक्षण करना आवश्यक होता है। पृथ्वी पर जीवन के बारे में हम जो कुछ भी जानते हैं, वह चट्टान-खनिज रिकॉर्ड में संरक्षित है। पृथ्वी पर, बायोसिग्नेचर कुछ खनिजों में पाए जाते हैं। साथ ही, कुछ खनिज जीवन चिन्हों को संरक्षण में बेहतर होते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

अब होगी स्रोतों की जांच
कार्बनिक पदार्थ विभिन्न प्रकार की जैविक और गैर-जैविक प्रक्रियाओं से निर्मित हो सकते हैं। विलियम्स और उनकी टीम अब इन रसायनों के संभावित स्रोतों की जांच करेगी, ताकि मंगल पर जीवन से जुड़ी अन्य बातों का पता लगाया जा सके। पासाडेना में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में ग्रह वैज्ञानिक और अध्ययन की मुख्य लेखिका सुनंदा शर्मा के अनुसार, कार्बनिक यौगिकों का निर्माण जीवन से संबंधित प्रक्रियाओं द्वारा नहीं किया जा सकता है। यहां हम वैज्ञानिकों और खगोल जीव विज्ञानियों के रूप में दावे करने में बहुत सावधानी बरतते हैं। अब तक केवल मार्स फीनिक्स लैंडर और क्यूरियोसिटी रोवर ही कार्बनिक कार्बन का पता लगाने में सक्षम हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

आग्नेय चट्टानों का पता लगाया
साइंस एंड साइंस एडवांसेज में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, नासा के पर्सिवरेंस रोवर को मंगल ग्रह के जेजेरो क्रेटर में आश्चर्यजनक ज्वालामुखीय चट्टानें मिली हैं, जो कभी एक झील थी। यह खोज पूरी तरह से आश्चर्यचकित करने वाली है, क्योंकि शोधकर्ताओं को शुरू में प्राचीन झील द्वारा बिछाई गई मिट्टी और मलबे से बनी तलछटी चट्टानें मिलने की उम्मीद थी। विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश तलछटी चट्टानों के निर्माण में पानी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।(खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

चट्टानों के नमूने किए एकत्रित
लॉस एलामोस नेशनल लेबोरेटरी के रोजर बींस के अनुसार, लैंडिंग से पहले काफी बहस हुई थी कि क्रेटर की जमीन आग्नेय थी या तलछटी। इसके लिए लाल ग्रह की सतह के नीचे की विशेषताओं का अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने कहा कि आग्नेय चट्टानें टाइम कैप्सूल के रूप में कार्य करती हैं, जो ग्रह के भूवैज्ञानिक इतिहास को दर्ज करती हैं। उन्हें मैग्मा के जमने से बनी आग्नेय चट्टानों के पानी से परिवर्तित होने के संकेत भी मिले। ये जल परिवर्तित चट्टानें पानी की उपस्थिति का संकेत देती हैं। रोवर ने ऐसी चट्टान के नमूने एकत्र किए जो क्रेटर तल पर मौजूद विभिन्न प्रकार की चट्टानों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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