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July 31, 2026

कानूनी लड़ाई कोर्ट में और राजनीतिक लड़ाई सड़क पर, यूथ कांग्रेस ने निकाला मशाल जुलूस

लोकसभा से कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सदस्यता रद्द होने पर अब कांग्रेस कानूनी लड़ाई भले ही कोर्ट में लड़ेगी, लेकिन राजनीतिक लड़ाई कांग्रेस ने शुरू कर दी है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज शुक्रवार को युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुमित्तर भुल्लर के नेतृत्व में विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

जुलूस देहरादून में राजपुर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय के आरंभ हुआ मशाल जुलूस घंटाघर तक निकाला गया। इस दौरान कांग्रेस ने एक तरफ से शक्ति प्रदर्शन भी किया। जुलूस में भारी संख्या में कार्यकर्ता जुटे और उन्होंने केंद्र की बीजेपी सरकार को सीधी चुनौती दी। साथ ही कहा कि अडानी प्रकरण को दबाने के लिए विपक्ष के खिलाफ साजिश रची गई। वहीं, कई कांग्रेस नेताओं ने पीएम नरेंद्र मोदी के पुराने भाषणों का भी जिक्र किया। साथ ही कहा कि राजनीतिक बयानबाजी के सबसे बड़े गुनाहगार तो वही हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

ये है प्रकरण
गौरतलब है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 2019 में दर्ज ‘मोदी सरनेम’ वाले आपराधिक मानहानि के मामले में गुजरात के सूरत की जिला कोर्ट ने कल 23 मार्च को दोषी करार दे दिया है। साथ ही उन्हें दो साल की सजा सुनाई गई और हाथों हाथ बेल भी दे दी गई है। साथ ही उन्हें कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ 30 दिन की अपील का समय दिया गया है। राहुल गांधी ने कोर्ट में साफ कहा कि मैं माफी नहीं मांगूंगा। यह मामला राहुल गांधी की ओर से दिए गए ‘मोदी उपनाम’ संबंधी टिप्पणी से जुड़ा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

राहुल के खिलाफ यह मामला उनकी उस टिप्पणी को लेकर दर्ज किया गया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था-क्यों सभी चोरों का समान उपनाम मोदी ही होता है? इस मामले में जब फैसला सुनाया गया, तब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सूरत जिला न्यायालय में मौजूद रहे। इससे पहले उन्‍होंने कहा था कि कोई उन्‍हें जो सजा देगी, वो उन्‍हें मंजूर होगी। उन्हें ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 30 दिन की मोहलत देते हुए उनकी सजा को निलंबित किया था। अब लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी की सदस्यता को रद्द कर दिया है।