कवि ललित मोहन गहतोड़ी का कुमाऊंनी गीतः ललिया पागल

ललिया पागल
पागल पागल पागल
मिथैं पागल कुनि लोग…2
तेरा प्यार में पागल
“ललिया” पागल कुनि लोग…2
हलचल हलचल हलचल
ऐलौ हलचल मान्नैयु…2
छलबल छलबल छलबल
कसि छलबल सुन्नैयु..2
अलाना बलाना रूछुं
पागल कुनि लोग….2
तेरा प्यारमें पागल
“ललिया” पागल कुनि लोग….2
पागल पागल पागल…
अमकन ढिस्कन आंगन बिस्कन
कसि पोखि हुनेलो…2
कस हैरौ कस हैरौ कस हैरौ
बलौ जसो हैरै हुनेलो..2
औलेट बैलेट करछु
पागल कुनि लोग…2
तेरा प्यारमें पागल
“ललिया” पागल कुनि लोग..2
पागल पागल पागल…
कवि का परिचय
नाम-ललित मोहन गहतोड़ी
शिक्षा :
हाईस्कूल, 1993
इंटरमीडिएट, 1996
स्नातक, 1999
डिप्लोमा इन स्टेनोग्राफी, 2000
निवासी-जगदंबा कालोनी, चांदमारी लोहाघाट
जिला चंपावत, उत्तराखंड।





सुंदर गीत